कोरबा। ‘जन सेवा ही मानव सेवा’ के उद्देश्य के साथ समाजसेवा में सक्रिय राजेंद्र साहू ने नवरात्रि के अवसर पर 59वीं बार रक्तदान किया। वह लंबे समय से जरूरतमंदों, गरीबों और असहाय लोगों की सहायता करते आ रहे हैं। रक्तदान के अलावा साहू सामाजिक कुरीतियों को दूर करने, अंगदान के प्रति जागरूकता फैलाने, शिक्षा को बढ़ावा देने और जनकल्याण से जुड़े कार्यों में भी योगदान दे रहे हैं। उनके प्रयासों का उद्देश्य समाज में सेवा, सहयोग और जागरूकता की भावना को मजबूत करना है।
राजेंद्र साहू को उनके सामाजिक कार्यों और रक्तदान के क्षेत्र में निरंतर योगदान के लिए विभिन्न स्तरों पर सम्मानित किया जा चुका है। अखिल भारतीय साहू वैश्य महासभा, दिल्ली की ओर से उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर ‘समाज रत्न सम्मान’ दिया गया। यह सम्मान मृत्युभोज, बाल विवाह, दहेज प्रथा और अंधविश्वास जैसी सामाजिक बुराइयों के खिलाफ उनके प्रयासों तथा नेत्रदान, किडनीदान, हृदयदान और देहदान के प्रति लोगों को जागरूक करने में उनकी भूमिका के लिए प्रदान किया गया। वह सामाजिक मुद्दों पर लेख लिखकर भी लोगों को जागरूक करते रहे हैं।
साहू के प्रकाशित लेखों में ‘साहसी बनो, संघर्ष करो, मिलेगी जीत’, ‘युवा तुम डटे रहो’, ‘युवा चेतना एवं जागृति’, ‘दहेज प्रथा अभिशाप’, ‘जनप्रतिनिधि के चुनाव में राष्ट्रहित आवश्यक’, ‘वैवाहिक जागरूकता’ और ‘रक्तदान महादान’ जैसे विषय शामिल हैं। समाजहित से जुड़े इन लेखों और जनजागरण के प्रयासों के लिए उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर ‘निराला स्मृति सम्मान’ से भी नवाजा जा चुका है।
