फिलहाल पूरे प्रदेश में मौसम शुष्क, दो दिन बाद कुछ इलाकों में बूंदाबांदी के संकेत

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आसमान साफ रहने का अनुमान

रायपुर। छत्तीसगढ़ में मौसम का मिजाज अब तेजी से बदलने की उम्मीद है। शेष हिस्सों में बचे मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं। इस माह दिन में गर्मी और रात में हल्की ठंडक का अहसास होगा। फिलहाल पूरे प्रदेश में मौसम शुष्क बना हुआ है। दो दिन बाद कुछ इलाकों में बूंदाबांदी के संकेत हैं।

रायपुर में रविवार को कैसा रहेगा मौसम?
राजधानी रायपुर में 4 अक्टूबर को आसमान मुख्यत: साफ रहने का अनुमान है। अधिकतम तापमान 34 डिग्री और न्यूनतम 25 डिग्री के आसपास रह सकता है। फिलहाल मौसम विभाग ने किसी तरह की चेतावनी जारी नहीं की है।

अक्टूबर में मौसम का बदलेगा मिजाज
अक्टूबर का महीना प्रदेश के मौसम के लिहाज से भी महत्वपूर्ण रहेगा. मानसून की विदाई के बाद मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा. इस दौरान दिन में गर्मी बनी रहेगी। जबकि रातें धीरे-धीरे सुहानी होने लगेंगी। नवंबर के पहले सप्ताह में रात के तापमान में और गिरावट आने की संभावना है। ऐसे में दीपावली के आसपास रात में हल्की ठंड और दिन में मौसम अपेक्षाकृत आरामदायक रहने के आसार हैं।

पिछले 24 घंटे ऐसा रहा प्रदेश का हाल
प्रदेश में पिछले 24 घंटों में कहीं बारिश दर्ज नहीं की गई। सबसे गर्म इलाका रायपुर से लगा माना रहा, यहां 34.5 डिग्री सेल्सियस और सबसे कम न्यूनतम तापमान पेंड्रा रोड में 18.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। यह संकेत है कि अब रात के तापमान में धीरे-धीरे गिरने से ठंड बढ़ेगी।

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मौसम में बदलाव की वजह
मौसम विभाग ने बताया कि दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी की रेखा तेजी से आगे बढ़ रही है। अगले 2-3 दिनों छत्तीसगढ़ के अलावा मराठवाड़ा, विदर्भ, तेलंगाना और कर्नाटक से मानसून की वापसी के लिए हालात अनुकूल होने की संभावना है। इसके अतिरिक्त यूपी और बिहार के ऊपर साइक्लोनिक सक्र्युलेशन बना हुआ है।

बलरामपुर में मेघों की मेहरबानी
राजस्व व आपदा प्रबंधन विभाग के मुताबिक प्रदेशभर में बारिश का वितरण काफी विविध देखने को मिल रहा है। जहां एक ओर बलरामपुर जिले ने 165.3 प्रतिशत की औसत दर और 1556.6 मिलीमीटर बारिश के साथ वर्षा प्रतिशत के मामले में पूरे राज्य में शीर्ष स्थान हासिल किया है। वहीं कुल वर्षा के मामले में नारायणपुर जिला 1720.2 मिलीमीटर के साथ सबसे आगे है।

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दूसरी ओर, राज्य के मैदानी और कुछ सीमावर्ती क्षेत्रों में अपेक्षित बारिश नहीं हो पाई है, जिनमें बेमेतरा जिला महज 674.9 मिलीमीटर बारिश और 80.4 प्रतिशत वर्षा दर्ज करके सूची में सबसे निचले पायदान पर है। भौगोलिक आधार पर राज्य के विभिन्न इलाकों का हाल देखा जाए तो उत्तर छत्तीसगढ़ और मैदानी इलाकों के कई जिलों में जमकर बादल बरसे हैं।