०स्वच्छता ही सेवा संकल्प के अंतर्गत राज्य स्वच्छता सलाहकार ने सरपंचों को दिया प्रशिक्षण
कोरिया । ठोस अपशिष्ट प्रबंधन अधिनियम 2026 पर आज जिला पंचायत कोरिया के सभागार में ग्राम पंचायत के सरपंचों की एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया।जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी योगेन्द्र श्रीवास और जिला समन्वयक स्वच्छ भारत मिशन की उपस्थिति में ग्राम पंचायतों के सरपंचों को राज्य स्वच्छता सलाहकार पुरूषोत्तम पांडा ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन विषय पर विस्तृत जानकारी प्रदान करते हुए उन्मुखीकरण किया।
क्या है ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026
ग्रामीण क्षेत्रों में भी शहरों की तर्ज पर संपूर्ण स्वच्छता के अभियान से जोड़ते हुए ग्राम पंचायतों में निकलने वाले हर कचरे का वैज्ञानिक पद्धति से प्रबंधन किया जाना है। इसके लिए अलग अलग रंग के डिब्बे निर्धारित कर प्राथमिक स्तर पर ही कचरे का सही पृथक्करण किया जाएगा। प्रारंभिक तौर पर जिले के 45 ग्राम पंचायतों में यह लागू होगा और यहां स्वच्छताग्राही महिलाओं द्वारा घर से कचरे को अलग अलग रंग के डिब्बों में एकत्र किया जाएगा। इसके बाद इन सभी का संग्रहण केंद्रों में उचित उपचार कर इसे आगे पुन: उपयोग के लिए भेजा जाएगा।दैनिक जीवन में स्वच्छता को बनाएं आदत सरपंचों के एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला को संबोधित करते हुए जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी योगेन्द्र श्रीवास ने कहा कि कलेक्टर कोरिया रोक्तिमा यादव द्वारा लगातार स्वच्छता के लिए कार्यों की स्वीकृति देकर जिले में स्वच्छता के संसाधन बनाए जा रहे हैं। अब आप सभी को अपने ग्राम पंचायत के प्रत्येक व्यक्ति को दैनिक जीवन में स्वच्छता अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना होगा। उन्होने कहा कि हम अपने गांव और जिले को तभी मानक स्वच्छता के स्तर पर ले जा सकते हैं जब प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में स्वच्छता उसकी आदत हो जाए।
ग्राम पंचायत की भूमिका अहम
राज्य सलाहकार पांडा ने सरपंचों को संबोधित करते हुए कहा कि आपको अपने ग्राम पंचायत स्तर पर प्रत्येक नागरिक को स्वच्छता के लिए जागरूक करना होगा। इसके लिए आप अपने स्वच्छताग्राही महिलाओं को कचरे का प्रबंधन करने के लिए सही तरीके से प्रशिक्षित करें और वातावरण निर्माण कराएं जिससे आम ग्रामीणों को इसका सही महत्व पता चल सके। उन्होने कहा कि व्यक्तिगत शौचालय के उपयोग से आगे बढ़ते हुए ग्राम पंचायतों में सार्वजनिक शौचालय बनाए गए हैं उनके सही रखरखाव और शुल्क लिए जाने के लिए आपको अपनी पंचायतों में प्रावधान करना होगा। इससे संसाधनों के सुचारू संचालन में मदद होगी।
चार तरह के कचरे के लिए चार रंग
राज्य सलाहकार ने आज मंथन कक्ष में उपस्थित सभी सरपंचों को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के अंतर्गत अलग-अलग तरह के कचरे के संग्रहण के लिए अलग अलग रंगों के डिब्बों का उपयोग और उसकी उपयोगिता के बारे में जानकारी दी। पहले गीले कचरे के लिए हरा और सूखे कचरे के लिए नीला डिब्बा उपयोग में लिया जाता था। अब उससे आगे बढ़ते हुए स्वच्छता के नए मानकों के अनुसार सेनिटरी उत्पादों का कचरा लाल रंग के डिब्बे में तथा इलेक्ट्रानिक कचरे को काले रंग के डिब्बे में एकत्र किया जाना है। जिससे उसका पृथक्करण प्रारंभिक स्तर पर ही हो जाएगा इससे कचरा प्रबंधन में आसानी होगी।
ग्राम सभा में रखें प्रस्ताव
प्रशिक्षण कार्यशाला में राज्य सलाहकार ने कचरे के प्रबंधन के लिए किए जाने वाले कार्यों तथा ग्राम पंचायतों में सार्वजनिक शौचालयों और परिसरों की साफ सफाई के लिए ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति को अधिकार प्रदान करने तथा नियमित रूप से शुल्क लिए जाने के लिए ग्राम सभा में प्रस्ताव पारित करने की समझाइश प्रदान की। उन्होने ग्राम पंचायतों में होने वाले सार्वजनिक उत्सवों, शादी ब्याह के अवसरों पर भी विशेष तौर पर सार्वजनिक शौचालयों का उपयोग एक निर्धारित शुल्क के साथ कराए जाने के महत्व पर प्रकाश डाला।
कोरिया मॉडल को अपना रहे राज्य
आज अपने एक दिवसीय दौरे पर कोरिया आए राज्य स्वच्छता सलाहकार पांडा ने कहा कि आपके जिले में सार्वजनिक शौचालयों के रखरखाव के लिए उनके सामने बनाई गई दुकानों का माडल केंद्रीय स्तर पर अपनाया जा चुका है। हर राज्य से विशेष प्रशिक्षण की मांग आने से यह स्पष्ट है कि आपने पहले ही कोरिया जिले में स्वच्छता को लेकर उल्लेखनीय कार्य कर दिया है। यह गर्व का विषय है। उन्होंने सरपंचों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि अपने हर गांव को स्वच्छता का मानक गांव बनाने के लिए अब और गंभीरता से कार्य करने की आवश्यकता है।
