मक्का रक्षा समझौते पर रियाद में बैठक: पाकिस्तान-तुर्किये ने सऊदी सहयोग का जताया भरोसा

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इस्लामाबाद। यमन के हूती विद्रोहियों के हालिया हमलों के बीच सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्किये के शीर्ष रक्षा अधिकारियों ने मक्का रक्षा गठबंधन के तहत सऊदी अरब की सुरक्षा में मदद करने का संकल्प लिया है। पाकिस्तान सेना ने शनिवार को यह जानकारी दी। चौंकाने वाली बात ये है कि रियाद के साथ रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए एक महीने से अधिक समय बीतने के बावजूद सऊदी अरब की सुरक्षा को लेकर पाकिस्तान की सार्वजनिक रूप से घोषित प्रतिबद्धता फिलहाल जमीन पर दिखाई नहीं दे रही है। तीनों देशों के बीच पिछले महीने हुए त्रिपक्षीय रक्षा समझौते में सामूहिक सुरक्षा व्यवस्था का ढांचा तैयार किया गया है। समझौते के तहत तीनों देशों में से किसी एक पर सशस्त्र हमला सभी पर हमला माना जाएगा।

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हूती विद्रोहियों के हमले पर समीक्षा-समीक्षा खेल रहा पाकिस्तान:
पाकिस्तान सेना के एक बयान के अनुसार, तीनों देशों के रक्षा बलों के प्रमुखों और जनरल स्टाफ के प्रमुखों की बैठक शुक्रवार को रियाद में हुई। बैठक में सुरक्षा स्थिति और सऊदी अरब के सामने मौजूद खतरों की समीक्षा की गई। बयान में कहा गया, “प्रतिभागियों ने सामूहिक रक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को मजबूती से दोहराया। इससे सऊदी अरब की सुरक्षा, संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए तीनों देशों के संकल्प का प्रदर्शन हुआ।”

पाकिस्तान सेना के अनुसार, बैठक में पवित्र शहर मक्का और नागरिक तथा आर्थिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाकर किए गए हमलों पर चिंता जताई गई। साथ ही सऊदी सशस्त्र बलों की सतर्कता और पेशेवर क्षमता की सराहना की गई। बैठक में तीनों देशों के सशस्त्र बलों के बीच सहयोग को आगे बढ़ाने के तरीकों पर भी चर्चा हुई। इसमें खुफिया जानकारी साझा करने, सैन्य समन्वय बढ़ाने और सैन्य क्षमताओं के एकीकरण को मजबूत करने के उपाय शामिल रहे।

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दो दिन पहले पाकिस्तानी सेना के पूर्व अधिकारी को बनाया सैन्य समझौते का महासचिव:
सेना के अनुसार, प्रतिभागियों ने कहा कि रियाद में हुई बैठक तीनों देशों के रक्षा साझेदारी की मजबूती और मक्का संयुक्त रक्षा समझौते के तहत किए गए वादों को तत्काल प्रभावी सैन्य सहयोग में बदलने के साझा संकल्प को दर्शाती है। यह बैठक तीनों देशों के विदेश मंत्रियों की न्यूयॉर्क में हुई बैठक के एक दिन बाद हुई। विदेश मंत्रियों ने बैठक में सऊदी अरब के सामने मौजूद चुनौतियों पर चर्चा की थी। बुधवार को पाकिस्तान ने पूर्व लेफ्टिनेंट जनरल नौमान महमूद को तीनों देशों के गठबंधन का पहला महासचिव नियुक्त किया था।