बीमा नियमों में बदलाव के प्रस्ताव से पीबी फिनटेक के शेयर में भारी गिरावट, दो दिन में 40 प्रतिशत टूटा भाव

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मुंबई। ऑनलाइन बीमा प्लेटफॉर्म पॉलिसीबाजार की मूल कंपनी पीबी फिनटेक पर बड़ा संकट मंडरा रहा है। बीमा नियामक आईआरडीएआई (इरडा) की ओर से बीमा वितरण के नियमों में बड़े बदलाव का प्रस्ताव देने के बाद कंपनी के शेयरों में भारी बिकवाली देखने को मिली है। शुक्रवार को भी पीबी फिनटेक का शेयर 3.68% कमजोर हुआ। इससे एक दिन पहले कंपनी का शेयर करीब 36% टूटा था। दो दिन में शेयर करीब 40% टूट चुका है। शुक्रवार को बीएसई पर पीबी फिनटेक का शेयर 1,165.50 रुपये पर बंद हुआ। 24 सितंबर को शेयर 1,896.45 रुपये के स्तर से टूटा था।

31,400 करोड़ रुपये से ज्यादा की बाजार पूंजी साफ:
इस भूचाल के कारण कंपनी की बाजार पूंजी 31,400 करोड़ रुपये से ज्यादा साफ हो चुकी है। कंपनी के सह-संस्थापक याशिश दहिया ने माना है कि यदि ये नियम लागू होते हैं, तो जनरल इंश्योरेंस से मिलने वाला राजस्व मौजूदा स्तर से एक-तिहाई से 40% तक कम हो सकता है। हालांकि, कंपनी को वित्त वर्ष 2026-27 में तुरंत किसी बड़े असर की उम्मीद नहीं है, लेकिन अगला वित्त वर्ष चुनौतियों भरा हो सकता है।

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बीमा उत्पाद ला सकती है कंपनी:
दहिया ने संकेत दिए हैं कि यदि डिस्ट्रीब्यूटरों को उनके काम का उचित रिवॉर्ड नहीं मिलता है, तो कंपनी भविष्य में खुद के बीमा उत्पाद बनाने के क्षेत्र में उतरने पर विचार कर सकती है। कंपनी अपने डिजिटल मार्केटिंग, ब्रांड पर होने वाले खर्च, सेल्स और कस्टमर सपोर्ट की समीक्षा कर रही है। हालांकि बड़े पैमाने पर छंटनी की कोई योजना नहीं है।

क्या है IRDAI का नया प्रस्ताव?:
बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण ने ‘रीकैलिब्रेटिंग इकोनॉमिक्स ऑफ इंश्योरेंस डिस्ट्रिब्यूशन’ नाम से एक कंसल्टेशन पेपर जारी किया है। इसमें जीवन, स्वास्थ्य और मोटर बीमा पर मिलने वाले कमीशन और डिस्ट्रीब्यूशन खर्चों पर कड़ी सीमा लगाने का प्रस्ताव है। नए प्रस्ताव के तहत ब्रोकर और बैंकों जैसे ओपन-आर्किटेक्चर चैनलों के जरिए बिकने वाले उत्पादों पर कमीशन कम करने का सुझाव है।

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थर्ड-पार्टी मोटर इंश्योरेंस पर कमीशन बेहद कम करने का प्रस्ताव:
थर्ड-पार्टी मोटर इंश्योरेंस जैसे अनिवार्य उत्पादों पर तो कमीशन बहुत कम या न के बराबर हो सकता है। नई हेल्थ पॉलिसियों पर कमीशन को 15-20% और रिन्यूवल पर 5-10% तक सीमित करने का प्रस्ताव है। वहीं, लाइफ इंश्योरेंस में पहले साल मिलने वाले कमीशन को घटाकर 5 से 20 फीसदी के बीच करने की बात कही गई है।