बिहार में अर्णब का असर: पटना में लगातार बारिश, कोसी-गंडक के उफान से बढ़ा बाढ़ का खतरा

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पटना। बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवाती तूफान अर्णब के असर के कारण पिछले तीन दिनों से बिहार का मौसम पूरी तरह बदल गया है। पहले रुक-रुक कर हो रही बारिश ने लोगों को परेशान किया और अब तेज हवा के कारण लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पटना समेत कई जिलों में शनिवार को बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। सुबह से ही बारिश हो रही है। तेज हवा के कारण बेगूसराय और खगड़िया समेत कई जगह कच्चे घर क्षतिग्रस्त हो गए। बेगूसराय के रघुनाथपुर बरारी पंचायत के श्रीनगर गांव स्थित वार्ड संख्या-7 में ईंट से बना कच्चा मकान अचानक भरभराकर गिर पड़ा। हादसे में मलबे के नीचे दबकर 70 वर्षीय वृद्ध गणेश प्रसाद यादव की मौत हो गई। वहीं खगड़िया के बेलदौर प्रखंड में घर की दीवार गिरने से 10 वर्षीय शिवम कुमार की मौत हो गई। समस्तीपुर में तेज हवा और बारिश के कारण कहीं कच्चे और खपरैल मकानों को नुकसान पहुंचा है तो कहीं बिजली के पोल और तार गिरने से विद्युत आपूर्ति बाधित हुई है।

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मौसम विज्ञान केंद्र पटना के अनुसार, उत्तर भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ व बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवात अर्णब के प्रभाव से तेज हवा के साथ बारिश हो रही है। आज पटना समेत कई जगहों पर भारी बारिश भी हो सकती है। वहीं गोपालगंज, दरभंगा, पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, मधुबनी, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, वैशाली, शिवहर, समस्तीपुर, सारण, सीवान, सीतामढ़ी, कटिहार, खगड़िया, पूर्णिया, सहरसा, सुपौल, बेगूसराय, कैमूर, भागलपुर, मुंगेर और रोहतास में आंधी और बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है।

पटना में बारिश के कारण जलजमाव से लोग परेशान:
पटना में पिछले तीन दिनों से हो रही बारिश के कारण कई इलाकों में सड़के जलमग्न हो गईं हैं। इस कारण सड़क पर बने गड्ढों के कारण लगातार हादसे हो रही है। राजीव नगर, एजी कॉलोनी, कृषि नगर, गोला रोड, न्यू बायवास, 70 फीट, कंकड़बाग समेत कई जगह अलग अलग कामों के लिए सड़कें क्षतिग्रस्त की गई। इस कारण गड्ढे बन गए। अब बारिश का पानी इन गड्ढों में भर जाने से लोग हादसे का शिकार हो रहे हैं।

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लगातार बारिश से पेड़ों की जड़ें कमजोर, गिरने का खतरा बढ़ा:
इधर, पटना में लगातार बारिश और अलग-अलग दिशाओं से चल रही हवा ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। लगातार बारिश से पेड़ों की जड़ें कमजोर होने के कारण उनके गिरने का खतरा बना हुआ है। कई इलाकों में आंधी-बारिश के दौरान बिजली के तार और पोल प्रभावित होने से बिजली आपूर्ति भी बाधित हुई। पटना में जलभराव से आम जनजीवन प्रभावित है, वहीं बारिश के कारण कई सड़कें भी जर्जर हो गई हैं। ऐसे में पेड़ या मकान गिरने का खतरा लोगों के लिए चिंता बढ़ा रहा है। इससे पहले इसी साल पटना में आए तूफान ने कई इलाकों में बड़े-बड़े पेड़ों को गिरा दिया था। दर्जनों पेड़ गिरे थे। गर्दनीबाग में तो पेड़ के नीचे दबने से एक युवक की मौत भी हो गई थी। इतना ही नहीं कई जगह गाड़ियों के ऊपर पेड़ गिर गए थे। इससे गाड़ियां पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई थी।

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पटना में 30 सितंबर तक कैसा रहेगा मौसम?:

राजधानी पटना में अगले पांच दिनों के दौरान मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार 26 और 27 सितंबर को सामान्य रूप से बादल छाए रहने के साथ एक-दो दौर बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। इसके बाद 28 सितंबर को भी बारिश की संभावना है, जबकि 29 और 30 सितंबर को आंशिक रूप से बादल छाए रहने का अनुमान है।

  • 26 सितंबर को पटना में सामान्य रूप से बादल छाए रहेंगे। इस दौरान एक-दो दौर बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। अधिकतम तापमान 30 डिग्री और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है।
  • 27 सितंबर को भी आसमान में सामान्य रूप से बादल छाए रहेंगे और एक-दो दौर बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। इस दिन अधिकतम तापमान 32 डिग्री और न्यूनतम 24 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
  • 28 सितंबर को मौसम आंशिक रूप से बादल वाला रहेगा। इस दौरान बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। अधिकतम तापमान 34 डिग्री और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है।
  • 29 सितंबर को पटना में आंशिक रूप से बादल छाए रहने का अनुमान है। अधिकतम तापमान 35 डिग्री और न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। वहीं, 30 सितंबर को भी आंशिक रूप से बादल छाए रहने का पूर्वानुमान है। इस दिन अधिकतम तापमान 35 डिग्री और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है।

कोसी गंडक उफान पर, कहां-कहां बाढ़ का खतरा:
बिहार के कई जिलों में लगातार बारिश के बीच बाढ़ का खतरा बढ़ता जा रहा है। नेपाल के जल अधिग्रहण क्षेत्रों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश का असर कोसी नदी के जलप्रवाह पर दिखने लगा है। शुक्रवार रात नौ बजे भीमनगर बराज से इस साल कोसी नदी का अब तक का सर्वाधिक 2,87,890 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज दर्ज किया गया। जलस्तर में लगातार वृद्धि को देखते हुए बराज के 56 में से 38 फाटक खोल दिए गए हैं। इधर, नेपाल प्रभाग स्थित बराह क्षेत्र से रात नौ बजे 2,47,950 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज रिकॉर्ड हुआ, जो इस साल का सर्वाधिक है। सुपौल, सहरसा, अररिया के कई गांवों में प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है। इधर, नेपाल में लगातार हो रही बारिश के कारण गंडक नदी के जलस्तर में भी लगातार वृद्धि हो रही है। गोपालगंज और पश्चिमी चंपारण में भी बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। जल संसाधन की टीम लगातार निगरानी कर रही है।

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जानिए कहां-कितनी बारिश हुई?:
पिछले 24 घंटे में राज्य के कई जिलों में बारिश दर्ज की गई। भागलपुर के सबौर में सबसे अधिक 35.1 मिमी बारिश दर्ज हुई। भागलपुर शहर में 34.5 मिमी, पश्चिम चंपारण के वाल्मीकि नगर में 25 मिमी और मुंगेर में 21 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। राजधानी पटना में पिछले 24 घंटे के दौरान 11.8 मिमी बारिश दर्ज की गई। भागलपुर के सबौर में 35.1 मिमी और भागलपुर शहर में 34.5 मिमी बारिश दर्ज की गई। मुंगेर में 21 मिमी, पश्चिम चंपारण के वाल्मीकि नगर में 25 मिमी और रोहतास के डेहरी में 12 मिमी बारिश हुई।

मधेपुरा: 14 मिमी
रोहतास: 12 मिमी
मुजफ्फरपुर: 11.8 मिमी
सुपौल: 9.5 मिमी
मधुबनी: 8.5 मिमी
सहरसा: 8.3 मिमी
छपरा: 7.2 मिमी
नालंदा: 7 मिमी
गया: 6.8 मिमी
पूर्णिया: 5.2 मिमी
अररिया के फारबिसगंज: 4 मिमी
दरभंगा: 4 मिमी
अरवल: 3.5 मिमी
किशनगंज: 1 मिमी
जहानाबाद: 0.5 मिमी
कहां-कितनी गर्मी पड़ी?
25 सितंबर को राज्य में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 31.6 डिग्री सेल्सियस कैमूर के भभुआ में दर्ज किया गया। वहीं, 26 सितंबर की सुबह सबसे कम न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस वाल्मीकि नगर में रिकॉर्ड किया गया। मोतिहारी में न्यूनतम तापमान 21.2 डिग्री और पूर्णिया में 23.5 डिग्री सेल्सियस रहा।