ममता बनर्जी को एक और झटका, रेजीनगर से टीएमसी प्रत्याशी रबीउल आलम ने वापस लिया नाम

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-6 अक्टूबर को मतदान, 9 अक्टूबर को मतगणना

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में 6 अक्टूबर को होने वाले विधानसभा उपचुनाव से पहले तृणमूल कांग्रेस को लगातार दूसरे दिन बड़ा झटका लगा है। नंदीग्राम विधानसभा सीट से पार्टी प्रत्याशी के चुनाव मैदान से हटने के एक दिन बाद अब रेजीनगर विधानसभा सीट से घोषित प्रत्याशी रबीउल आलम चौधरी ने भी अपना नामांकन वापस ले लिया है। दोनों प्रत्याशियों के नाम पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी के मार्गदर्शन में 13 सितंबर को घोषित किए गए थे।

इससे पहले शुक्रवार को तृणमूल कांग्रेस की नंदीग्राम से प्रत्याशी संचिता प्रधान डे ने भी उपचुनाव से अपना नाम वापस ले लिया था। संचिता ने राज्य सचिवालय नबन्ना में मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी से मुलाकात के कुछ घंटे बाद चुनाव नहीं लडऩे का फैसला किया था। हालांकि, उस समय उनकी मुलाकात को शिष्टाचार भेंट बताया गया था, लेकिन सुवेंदु अधिकारी के नंदीग्राम के मौजूदा विधायक और राज्य के मुख्यमंत्री होने के कारण इस मुलाकात को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई थी।

संचिता प्रधान डे के चुनाव मैदान से हटने के बाद ममता बनर्जी ने कहा था कि तृणमूल कांग्रेस नंदीग्राम में चुनाव नहीं लड़ेगी और अपनी सहयोगी कांग्रेस के प्रत्याशी का समर्थन करेगी। उन्होंने कहा था कि इससे विपक्षी गठबंधन मजबूत होगा।

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हालांकि, इसके कुछ ही समय बाद कांग्रेस के नंदीग्राम प्रत्याशी मिलन प्रधान को पुलिस ने हत्या के एक पुराने मामले में गिरफ्तार कर लिया। उनके खिलाफ अदालत से गिरफ्तारी वारंट भी जारी किया गया था। इस घटनाक्रम ने नंदीग्राम उपचुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियों को और बढ़ा दिया है। इससे पहले निर्वाचन आयोग ने उपचुनाव में तृणमूल कांग्रेस के नाम और उसके चुनाव चिह्न के इस्तेमाल पर रोक लगा दी थी। यह निर्णय इसलिए लिया गया क्योंकि तृणमूल कांग्रेस के दो गुटों ने उपचुनाव में अपने-अपने प्रत्याशी उतारे थे। इसके बाद आयोग ने दोनों गुटों को अलग-अलग नाम और चुनाव चिह्न आवंटित किए।

ममता बनर्जी के गुट को ‘ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस नाम दिया गया और उसके लिए ‘फुटबॉल खिलाड़ी चुनाव चिह्न आवंटित किया गया। वहीं, ऋतब्रता बनर्जी के गुट को ‘डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस नाम तथा ‘लिफाफा चुनाव चिह्न दिया गया। रेजीनगर विधानसभा सीट आम जनता उन्नयन पार्टी के संस्थापक हुमायूं कबीर के इस्तीफे के बाद रिक्त हुई थी। उन्होंने नौदा विधानसभा सीट से भी जीत दर्ज की थी, जिसके बाद उन्होंने रेजीनगर सीट छोड़ दी थी।

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अब रबीउल आलम चौधरी के चुनाव मैदान से हटने के बाद रेजीनगर में मुख्य मुकाबला कांग्रेस के मोहम्मद अब्दुल्ला हिल काफी और माकपा के सईद असद अली के बीच होने की संभावना है। पश्चिम बंगाल की इन विधानसभा सीटों पर 6 अक्टूबर को मतदान होगा, जबकि मतगणना 9 अक्टूबर को की जाएगी। तृणमूल कांग्रेस के लगातार दो प्रत्याशियों के नामांकन वापस लेने के बाद उपचुनाव का राजनीतिक समीकरण महत्वपूर्ण रूप से बदल गया है।