जशपुर में वन एवं वन्यजीव संरक्षण कार्यों की समीक्षा, वनांचल विज्ञान केन्द्र के निर्माण की तैयारियों का लिया जायजा

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o प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख अरूण पाण्डेय ने किया दो दिवसीय जशपुर प्रवास, अधिकारियों-कर्मचारियों को दिए आवश्यक दिशा-निर्देश
o वनांचल विज्ञान केन्द्र को जिले की जैव विविधता, प्राकृतिक संपदा एवं पारंपरिक ज्ञान से जोड़कर विकसित करने पर जोर

जशपुर। प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख, छत्तीसगढ़ अरूण पाण्डेय ने 15 एवं 16 सितम्बर को जशपुर वनमण्डल के दो दिवसीय प्रवास के दौरान वन एवं वन्यजीव संरक्षण कार्यों, क्षेत्रीय गतिविधियों तथा प्रस्तावित वनांचल विज्ञान केन्द्र के निर्माण की तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने विभिन्न वन क्षेत्रों का भ्रमण कर मैदानी अमले से संवाद किया तथा विभागीय कार्यों की समीक्षा करते हुए वन एवं वन्यजीव संरक्षण को प्राथमिकता के साथ प्रभावी ढंग से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

तपकरा में वन अमले के साथ बैठक, सतत निगरानी पर जोर
15 सितम्बर को अरूण पाण्डेय ने तपकरा वन परिक्षेत्र का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों की बैठक लेकर क्षेत्र में संचालित वन संरक्षण, वन्यजीव प्रबंधन एवं अन्य विभागीय गतिविधियों की जानकारी ली। उन्होंने मैदानी स्तर पर वन एवं वन्यजीवों की सुरक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए अपने-अपने क्षेत्रों में सतत निगरानी रखने, वन्यजीवों की गतिविधियों पर नजर रखने तथा स्थानीय समुदाय के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने विभागीय योजनाओं एवं कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्वक पूर्ण करने तथा शासन की मंशा के अनुरूप उनका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।

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पण्ड्रापाट में वन संरक्षण एवं वन्यजीव प्रबंधन कार्यों की समीक्षा
इसके पश्चात प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख ने सन्ना वन परिक्षेत्र अंतर्गत पण्ड्रापाठ का निरीक्षण किया। उन्होंने क्षेत्र की परिस्थितियों तथा वन विभाग द्वारा संचालित कार्यों का जायजा लिया। वन अमले के साथ आयोजित बैठक में वन संरक्षण, वन्यजीव संरक्षण, वनाग्नि नियंत्रण, पौधरोपण सहित विभिन्न मैदानी गतिविधियों की समीक्षा की गई। पाण्डेय ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को क्षेत्रीय आवश्यकताओं के अनुरूप विभागीय गतिविधियों को प्रभावी बनाने तथा वन संपदा एवं वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए निरंतर सक्रियता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।

झरगांव में प्रस्तावित वनांचल विज्ञान केन्द्र के स्थल का किया अवलोकन
16 सितम्बर को अरूण पाण्डेय ने जशपुर वन परिक्षेत्र अंतर्गत ग्राम झरगांव में प्रस्तावित वनांचल विज्ञान केन्द्र के लिए चयनित स्थल का अवलोकन किया। उन्होंने स्थल की भौगोलिक स्थिति, पहुंच मार्ग, उपलब्ध भूमि, आसपास के क्षेत्र तथा केन्द्र के प्रस्तावित उपयोग एवं विकास की संभावनाओं की जानकारी अधिकारियों से ली। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित वनांचल विज्ञान केन्द्र को जशपुर की विशिष्ट प्राकृतिक एवं वन संपदा, स्थानीय वनस्पतियों, जैव विविधता तथा पर्यावरणीय विशेषताओं से जोड़कर विकसित किया जाना चाहिए, ताकि यह क्षेत्र की प्राकृतिक विरासत और स्थानीय ज्ञान को समझने एवं संरक्षित करने के साथ-साथ शैक्षणिक गतिविधियों का भी महत्वपूर्ण केन्द्र बन सके।

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वनमण्डल कार्यालय में केन्द्र की अवधारणा एवं अधोसंरचना पर विस्तृत चर्चा
स्थल निरीक्षण के बाद वनमण्डल कार्यालय जशपुर के सभागार में वनांचल विज्ञान केन्द्र के निर्माण को लेकर विस्तृत बैठक आयोजित की गई। बैठक में केन्द्र की अवधारणा, स्थल विकास, अधोसंरचना, विषयगत प्रदर्शनी, शैक्षणिक गतिविधियों, जैव विविधता संरक्षण तथा स्थानीय वन संसाधनों एवं पारंपरिक ज्ञान के समावेश सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई। बैठक में केन्द्र को स्थानीय प्राकृतिक परिवेश एवं जैव विविधता के अनुरूप विकसित करने, इसकी विषयवस्तु को क्षेत्र की विशिष्टताओं से जोड़ने तथा इसे ज्ञान, जागरूकता एवं पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से उपयोगी बनाने के विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श किया गया।

वन विभाग एवं विशेषज्ञों की सहभागिता
बैठक में मुख्य वन संरक्षक दिलराज प्रभाकर, वनमण्डलाधिकारी जशपुर शशि कुमार, उप वनमण्डलाधिकारी जशपुर करण सिंह, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) विश्वास राव महस्के, कल्याण आश्रम महामंत्री योगेश बापट सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। दो दिवसीय प्रवास के दौरान प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख ने वन विभाग के मैदानी अमले से सीधे संवाद कर क्षेत्रीय परिस्थितियों की जानकारी ली और वन एवं वन्यजीव संरक्षण से जुड़े कार्यों को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए।

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