छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए वापस लिए गए मामले: जेपी नड्डा

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नयी दिल्ली। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा है कि केंद्र सरकार ने विरोध प्रदर्शन करने वाले छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए उनके खिलाफ दर्ज सभी मामलों को वापस लेने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के आगामी पांच सितंबर को प्रस्तावित अपना विरोध प्रदर्शन रद्द करने के फैसले का भी स्वागत किया है। नड्डा की यह टिप्पणी दिल्ली के जंतर मंतर सहित देश भर में सीजेपी के नेतृत्व में हुए विरोध प्रदर्शनों में भाग लेने वाले छात्रों के खिलाफ दर्ज सभी प्राथमिकियों को उच्चतम न्यायालय के रद्द किए जाने के बाद आई है।

गत 20 जुलाई को पुलिस कार्रवाई के बाद सीजेपी प्रदर्शनकारियों के साथ सरकार की बातचीत का नेतृत्व करने वाले श्री नड्डा ने कहा, “छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए, हमने भारत सरकार की ओर से आश्वासन दिया था कि प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ दर्ज मामले वापस लिए जाएंगे और भविष्य में उनके खिलाफ कोई कठोर कार्रवाई नहीं की जाएगी।

उन्होंने आगे कहा, “इसी के अनुरूप, हमने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) शासित राज्यों की सरकारों के साथ भी परामर्श किया और अब हम उस आश्वासन को पूरा कर रहे हैं। हम एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीजेपी प्रवक्ता के 5 सितंबर के विरोध प्रदर्शन को वापस लेने की घोषणा का स्वागत करते हैं। युवाओं की प्रगति और विकास सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बनी हुई है।

इससे पहले, सीजेपी ने मंगलवार को उच्चतम न्यायालय को सूचित किया कि नीट पेपर लीक मामले को लेकर प्रदर्शन करने वाले छात्रों के खिलाफ दर्ज एफआईआर को बंद करने के घटनाक्रम के बाद उसने पांच सितंबर के अपने प्रदर्शन के ऐलान को वापस ले लिया है।