नयी दिल्ली। सरकार ने प्याज की पर्याप्त उपलब्धता और मौसमी मूल्य दबाव कम करने के लिए नासिक से कांदा एक्सप्रेस तथा सड़क मार्ग से बफर स्टॉक की आपूर्ति 19 प्रमुख शहरों तक शुरू की है और प्याज की खुदरा बिक्री 35 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से की जा रही है। आधिकारिक सूचना के अनुसार मूल्य स्थिरीकरण कोष के तहत रखे प्याज के बफर स्टॉक की आपूर्ति नेफेड और एनसीसीएफ के माध्यम से 24 अगस्त से शुरू हुई।
नासिक से कांदा एक्सप्रेस की दो खेप भेजी गई हैं। पहली खेप में 450 टन प्याज 27 अगस्त को दिल्ली पहुंचा जिसमें से 140 टन वाराणसी, लखनऊ, चंडीगढ़ और अमृतसर भेजा गया तथा शेष दिल्ली-एनसीआर में वितरित किया गया। दूसरी खेप में 840 टन प्याज 31 अगस्त को चेन्नई पहुंचा। सरकारी सूचना के अनुसार लगभग 1,000 टन प्याज सड़क मार्ग से प्रमुख उपभोग केंद्रों तक पहुंचाया जा रहा है और इसके जरिए 19 शहरों में खुदरा बिक्री के विस्तार के लिए 30 से अधिक ट्रक तैनात किए गए हैं।
इनमें दिल्ली, जयपुर, जम्मू, देहरादून, शिमला, अमृतसर, चंडीगढ़, कोलकाता, गुवाहाटी, लखनऊ, वाराणसी, पटना, भोजपुर, बिहार शरीफ, भुवनेश्वर, चेन्नई, मदुरै, त्रिशूर और कोच्चि शामिल हैं। एनसीसीएफ, नेफेड, केंद्रीय भंडार के आउटलेट और मोबाइल वैन के माध्यम से प्याज 35 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से उपलब्ध कराया जा रहा है।
अब तक करीब 669 टन प्याज की बिक्री हो चुकी है, जिसमें 223 टन थोक चैनलों और 446 टन खुदरा केंद्रों के माध्यम से बेचा गया है। सरकार के अनुसार वाराणसी, अमृतसर, दिल्ली और आसपास के बाजारों में बफर स्टॉक से प्याज की आपूर्ति शुरू होने के बाद उपलब्धता बढ़ी है और कीमतों में कमी आई है।
आपूर्ति बढ़ने से कीमतों में स्थिरता आने की उम्मीद है। आधिकारिक सूचना में कहा गया है कि करीब 3,400 किसानों को सीधे 210 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। सरकार ने रेलगाड़ियों के माध्यम से प्याज के परिवहन और आपूर्ति के दौरान सुरक्षा के मजबूत उपाय भी लागू किए हैं।
