जगदलपुर । जगदलपुर में ‘पूना मारगेम’ पहल के तहत डीकेएसजेडसी के 108 माओवादी कैडरों ने हिंसा छोड़कर समाज की मुख्यधारा में शामिल हो गए हैं। बस्तर आईजी ने 31 मार्च की डेडलाइन से पहले मुख्यधारा में आने की अपील की है।बस्तर संभाग मुख्यालय जगदलपुर में बुधवार को नक्सल विरोधी अभियान के इतिहास की एक बड़ी घटना सामने आई। पूना मारगेम पुनर्वास से पुनर्जीवन पहल के तहत दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी (डीकेएसजेडसी) के 108 नक्सली कैडरों ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया। समर्पित नक्सलियों में 44 महिला और 64 पुरुष नक्सली शामिल हैं। इन सभी पर 3.29 करोड़ का इनाम घोषित हैँ.आत्मसमर्पण कार्यक्रम राज्य के डीजीपी अरुण देव गौतम, एडीजी विवेकानंद सिन्हा, बस्तर आईजी सुंदरराज पी सहित सीआरपीएफ, बीएसएफ और जिला पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में आयोजित किया गया।
108 नक्सलियों का सरेंडर, सिर पर था 3.29 करोड़ का इनाम; सबसे बड़ा डंप भी बरामद
