नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘खेलो इंडिया डायलॉग-खेल की बात, प्रधानमंत्री मोदी के साथ’ कार्यक्रम में देशभर के युवा खिलाड़ियों से संवाद किया। राष्ट्रीय खेल दिवस के संदर्भ में उन्होंने मेजर ध्यानचंद को याद करते हुए कहा कि खेल केवल पदक जीतने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनसे व्यक्तित्व, परिवार और देश का गौरव भी बढ़ता है। उन्होंने ‘जो खेले वो खिले’ का संदेश देते हुए कहा कि किसी खिलाड़ी की सफलता उसके स्कूल, जिले और राज्य की पहचान को भी नई ऊंचाई देती है। प्रधानमंत्री ने भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेल संबंधों की लंबी परंपरा का भी उल्लेख किया और मेजर ध्यानचंद के योगदान को याद किया।
पीएम मोदी ने कहा कि भारत को ओलंपिक में केवल उन्हीं खेलों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, जिनमें अभी देश मजबूत है। उन्होंने सर्फिंग, स्पोर्ट्स क्लाइंबिंग, वॉटर स्पोर्ट्स और विंटर स्पोर्ट्स जैसे क्षेत्रों में नई प्रतिभाओं को तलाशने पर जोर दिया। प्रधानमंत्री के मुताबिक भारत के पास इन खेलों के लिए उपयुक्त भौगोलिक परिस्थितियां और बड़ी युवा आबादी है। उन्होंने कहा कि अलग-अलग जिलों की स्थानीय खेल प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें सही दिशा में प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए। 2036 ओलंपिक का जिक्र करते हुए उन्होंने कम उम्र में प्रतिभाओं की पहचान करने की जरूरत बताई और 5 से 15 वर्ष के बच्चों की क्षमता के अनुसार उन्हें संबंधित खेलों में आगे बढ़ाने पर जोर दिया।
मोदी मंत्रिमंडल के संभावित विस्तार में युवाओं और महिलाओं को बड़ी जिम्मेदारी मिलने की संभावना है
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार देश में आधुनिक स्पोर्ट्स इकोसिस्टम तैयार करने के लिए लगातार काम कर रही है। खेल विश्वविद्यालयों, प्रशिक्षण केंद्रों, प्रतिभा खोज अभियान और आधुनिक कोचिंग सुविधाओं को मजबूत करने पर ध्यान दिया जा रहा है, ताकि खिलाड़ी को शुरुआती स्तर से लेकर अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचने में जरूरी सहयोग मिल सके। उन्होंने ‘खेलो इंडिया डायलॉग’ को ऐसा मंच बताया, जहां युवाओं के विचार और सुझाव खेल नीति को नई दिशा दे सकते हैं। साथ ही उन्होंने खेल प्रशासन, प्रतिभा विकास, खेल विज्ञान और आधुनिक प्रशिक्षण के क्षेत्र में नए अवसरों का जिक्र किया।
पीएम मोदी ने फिटनेस, अनुशासन और नशे से दूरी बनाए रखने में खेलों की भूमिका पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि खेल व्यक्ति को हार के बाद दोबारा खड़े होना और लगातार प्रयास करना सिखाता है। पैरा एथलीटों की उपलब्धियों का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों की सफलता पूरे परिवार और समाज का आत्मविश्वास बढ़ाती है। प्रधानमंत्री ने युवाओं से स्क्रीन के बजाय मैदान को प्राथमिकता देने की अपील करते हुए कहा कि देश के युवाओं की शक्ति और सामर्थ्य पर उन्हें पूरा भरोसा है। उन्होंने कहा कि खेल अब केवल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवनशैली, रोजगार और देश के भविष्य से जुड़ा महत्वपूर्ण क्षेत्र बन रहा है।
