नई दिल्ली। कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय कौशल विकास निगम और कल्टस एजुकेशन ने अमेजन वेब सर्विसेज के सहयोग से देशव्यापी क्लाउड और कृत्रिम बुद्धिमत्ता कौशल पहल शुरू करने की घोषणा की है। इस पहल का उद्देश्य देश के दूसरे और तीसरे स्तर के शहरों में रहने वाले युवाओं को आधुनिक प्रौद्योगिकी से जुड़े रोजगार के लिए तैयार करना है।
कार्यक्रम के तहत 1.50 लाख शिक्षार्थियों को बुनियादी क्लाउड और कृत्रिम बुद्धिमत्ता साक्षरता प्रदान की जाएगी, जबकि 10 हजार प्रतिभागियों को गहन और रोजगारपरक क्लाउड तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता कौशल का प्रशिक्षण दिया जाएगा। सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के दूसरे और तीसरे स्तर के शहरों के युवाओं को इसमें प्राथमिकता दी जाएगी।
कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा शिक्षा राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने कहा कि यह पहल ‘विकसित भारत के उस दृष्टिकोण को दर्शाती है, जिसमें अवसर व्यक्ति की भौगोलिक स्थिति या सामाजिक पृष्ठभूमि से तय नहीं होते। उन्होंने कहा कि भारत नवाचार, प्रौद्योगिकी और प्रतिभा के वैश्विक केंद्र के रूप में आगे बढ़ रहा है। ऐसे में दूसरे और तीसरे स्तर के शहरों के युवाओं को भी भविष्य की नौकरियों के लिए जरूरी कौशल हासिल करने का समान अवसर मिलना चाहिए।
इस तरह की पहल समावेशी, कुशल और भविष्य के लिए तैयार कार्यबल तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। कार्यक्रम में अमेजन वेब सर्विसेज की डिजिटल प्रशिक्षण सामग्री के माध्यम से 1.50 लाख शिक्षार्थियों को क्लाउड और कृत्रिम बुद्धिमत्ता की बुनियादी जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा 10 हजार चयनित प्रतिभागियों को ‘अमेजन वेब सर्विसेज री/स्टार्ट कार्यक्रम के तहत गहन प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह निशुल्क, समूह आधारित कार्यबल विकास कार्यक्रम है, जिसमें प्रतिभागियों को क्लाउड कंप्यूटिंग से जुड़े व्यावहारिक कौशल सिखाए जाते हैं।
प्रशिक्षण पूरा करने वाले प्रतिभागियों को स्थानीय नियोक्ताओं से रोजगार के अवसरों से जोड़ा जाएगा। सफल अभ्यर्थियों को उनकी योग्यता और कौशल के आधार पर नौकरी के लिए साक्षात्कार के अवसर भी उपलब्ध कराए जाएंगे। राष्ट्रीय कौशल विकास निगम और कल्टस एजुकेशन का लक्ष्य छोटे और उभरते शहरों के युवाओं के सामने आने वाली कई प्रमुख चुनौतियों को दूर करना है।
इनमें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त तकनीकी प्रशिक्षण तक सीमित पहुंच, प्रौद्योगिकी क्षेत्र की कंपनियों से कम संपर्क तथा क्लाउड और कृत्रिम बुद्धिमत्ता से जुड़ी नौकरियों के लिए आवश्यक प्रमाण-पत्रों का अभाव प्रमुख हैं। राष्ट्रीय कौशल विकास निगम द्वारा चयनित प्रशिक्षण साझेदार कल्टस एजुकेशन के माध्यम से यह पूरी पहल 100 प्रतिशत ऑनलाइन संचालित की जाएगी। इससे देश के किसी भी हिस्से में रहने वाले युवा बिना बड़े शहरों में स्थानांतरित हुए प्रशिक्षण प्राप्त कर सकेंगे।
कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं को बुनियादी डिजिटल ज्ञान से लेकर उद्योग द्वारा मान्यता प्राप्त प्रमाण-पत्र और रोजगार के अवसरों तक पहुंचाने की व्यवस्था की गई है। शिक्षार्थी ऑनलाइन पंजीकरण के माध्यम से कार्यक्रम में शामिल हो सकेंगे। वे अपनी सुविधा और गति के अनुसार अमेजन वेब सर्विसेज की डिजिटल प्रशिक्षण सामग्री के जरिए क्लाउड और कृत्रिम बुद्धिमत्ता का प्रारंभिक ज्ञान प्राप्त करेंगे।
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जो प्रतिभागी अपनी तैयारी और योग्यता प्रदर्शित करेंगे, उन्हें आगे ‘अमेजन वेब सर्विसेज री/स्टार्ट कार्यक्रम में शामिल होने का अवसर मिलेगा। री/स्टार्ट कार्यक्रम के तहत प्रशिक्षकों की देखरेख में क्लाउड ढांचे, सुरक्षा, नेटवर्किंग और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के मूल सिद्धांतों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रतिभागियों को वास्तविक परिस्थितियों पर आधारित प्रशिक्षण, व्यावहारिक प्रयोगशाला अभ्यास और पाठ्यक्रम के माध्यम से प्रोग्रामिंग, नेटवर्किंग, साइबर सुरक्षा तथा संबंधपरक आंकड़ा भंडार से जुड़े कौशल सिखाए जाएंगे।
पेशेवर मार्गदर्शकों और मान्यता प्राप्त प्रशिक्षकों के सहयोग से प्रतिभागियों को उद्योग की जरूरतों के अनुरूप तैयार किया जाएगा।
प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने वाले प्रतिभागियों को क्लाउड कंप्यूटिंग कौशल का प्रमाणित करने वाला उद्योग द्वारा मान्यता प्राप्त अमेजन वेब सर्विसेज का प्रमाण-पत्र मिलेगा।
इसके बाद स्थानीय नियोक्ताओं के साथ संपर्क स्थापित कर प्रतिभागियों को उनकी योग्यता के आधार पर साक्षात्कार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे प्रशिक्षण और रोजगार के बीच की दूरी कम करने का प्रयास किया जाएगा। पूरे कार्यक्रम का समापन एक राष्ट्रीय नवाचार प्रतियोगिता के साथ होगा। इसमें प्रतिभागियों को अपने क्लाउड और कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित समाधान उद्योग जगत के प्रमुख लोगों, नियुक्ति प्रबंधकों और कंपनियों के वरिष्ठ प्रतिनिधियों के सामने प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा।
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इससे युवाओं को अपने कौशल का प्रदर्शन करने के साथ संभावित नियोक्ताओं और उद्योग विशेषज्ञों से सीधे जुडऩे का अवसर भी मिलेगा।
यह पहल विशेष रूप से उन युवाओं के लिए तैयार की गई है, जिन्हें गुणवत्तापूर्ण तकनीकी प्रशिक्षण और रोजगार के अवसरों तक पहुंच सीमित होने के कारण कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
कार्यक्रम के पूर्णत: ऑनलाइन होने से देश के छोटे शहरों और उभरते प्रतिभा केंद्रों के युवाओं को महानगरों में गए बिना आधुनिक प्रौद्योगिकी का प्रशिक्षण प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार की संभावनाएं बढऩे के साथ देश में तकनीकी प्रतिभा का आधार भी मजबूत होगा।
अमेजन वेब सर्विसेज की एशिया-प्रशांत और जापान क्षेत्र की कौशल विकास एवं सामाजिक प्रभाव प्रमुख रानी बर्चमोर ने कहा कि री/स्टार्ट कार्यक्रम नए प्रतिभाशाली लोगों को कार्यबल में शामिल करने का अवसर देता है। इससे युवाओं को क्लाउड क्षेत्र में करियर शुरू करने, कंपनियों को आवश्यक प्रतिभा हासिल करने और समुदायों को आगे बढऩे में मदद मिलती है।
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उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय कौशल विकास निगम और कल्टस एजुकेशन के साथ मिलकर भविष्य के लिए विविधतापूर्ण और मजबूत क्लाउड कार्यबल तैयार करने पर उन्हें गर्व है। कल्टस एजुकेशन के समूह प्रबंध निदेशक नलिन सिंह ने कहा कि कौशल विकास की वास्तविक सफलता तभी है, जब प्रशिक्षण आत्मविश्वास, प्रमाण-पत्र और सार्थक करियर के अवसरों में बदल सके।
उन्होंने कहा कि उनकी प्राथमिकता प्रमुख महानगरों से आगे बढ़कर वैश्विक स्तर पर प्रासंगिक क्लाउड और कृत्रिम बुद्धिमत्ता कौशल को अधिक से अधिक युवाओं तक पहुंचाना है। इसके लिए सीखने, प्रशिक्षण, प्रमाणन और नियोक्ताओं से जुड़ाव को एक साथ जोड़ा जा रहा है। कार्यक्रम के शुभारंभ के अवसर पर राष्ट्रीय कौशल विकास निगम के मुख्य परिचालन अधिकारी प्रशांत सिन्हा सहित अन्य अधिकारी और प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
