नई दिल्ली। कांग्रेस ने परिसीमन को लेकर स्पष्ट रुख अपनाते हुए कहा है कि लोकसभा की मौजूदा 543 सीटों की संख्या अगले 25 वर्षों तक नहीं बढ़ाई जानी चाहिए और इन्हीं सीटों में महिलाओं को एक तिहाई आरक्षण दिया जाना चाहिए। कांग्रेस की सर्वोच्च नीति निर्धारक संस्था कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक के बाद पार्टी महासचिव के.सी. वेणुगोपाल, संचार विभाग के प्रभारी जयराम रमेश तथा विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने बुधवार को पार्टी मुख्यालय में संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में बताया कि करीब चार घंटे चली कार्यसमिति की बैठक में 88 सदस्य शामिल हुए और 35 से अधिक सदस्यों ने विभिन्न मुद्दों पर अपने विचार रखे।
उन्होंने कहा कि युवाओं, पेपर लीक, राम मंदिर के चढ़ावे, जाति जनगणना, देश की सीमाओं की स्थिति, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के साथ ‘शुद्धिकरण’ वाले व्यवहार और परिसीमन समेत कई विषयों पर गंभीर विचार-विमर्श हुआ तथा विभिन्न मुद्दों पर प्रस्ताव पारित किए गए।
“वंदे मातरम् के मुद्दे पर पूछे गये एक सवाल के जवाब में कांग्रेस नेताओं ने कहा कि पार्टी इस मुद्दे पर अपने पुराने रुख पर ही कायम है। वेणुगोपाल ने कहा कि 1937 में कांग्रेस कार्यसमिति में पारित प्रस्ताव ही इस विषय पर पार्टी का आधार है। उन्होंने कहा कि उस समय महात्मा गांधी, आचार्य नरेंद्र देव, जवाहरलाल नेहरू, मौलाना आजाद, गोविंद बल्लभ पंत सहित कांग्रेस के कई प्रमुख नेता मौजूद थे।
उन्होंने कहा कि संविधान सभा के अंतिम दौर में वंदे मातरम् को राष्ट्रगीत और जन गण मन को राष्ट्रगान का दर्जा दिया गया था तथा कांग्रेस इस व्यवस्था को लेकर पूरी तरह स्पष्ट है। वेणुगोपाल ने कहा कि पेपर लीक और भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं का मुद्दा बैठक में प्रमुखता से उठा। उनका कहना था कि संसद सत्र के दौरान सरकार इस मुद्दे पर बैकफुट पर रही, जबकि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के माध्यम से लगातार युवाओं की आवाज उठा रहे हैं।
इस मुद्दे को लेकर देशभर के युवाओं में आक्रोश है और कांग्रेस उनके साथ खड़ी है।’छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम कोटा, देहरादून और प्रयागराज में हो चुका है तथा 22 अगस्त को पुणे में होगा। इसके बाद यह अभियान देशभर के 800 शहरों और छोटे शहरों तक ले जाया जाएगा। गांधी भी इसके विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे।
उन्होंने कहा कि बैठक में शिक्षा परीक्षा में सुधार को लेकर व्यापक चर्चा हुई और बैठक में मौजूद कांग्रेस शासित चार राज्यों के मुख्यमंत्रियों से एक महीने के भीतर रिपोर्ट देने को कहा गया है। उनसे आग्रह किया गया है कि शिक्षा व्यवस्था में किन क्षेत्रों में सुधार की आवश्यकता है इस पर व्यापक रिपोर्ट तैयार की जानी चाहिए और उसके बाद यह रिपोर्ट कांग्रेस अध्यक्ष को सौंपी जानी चाहिए।
पार्टी ने कहा कि कार्यसमिति में कहा गया है कि पार्टी शिक्षा तथा रोजगार से जुड़े मुद्दे पर युवाओं के सवालों पर ठोस और समयबद्ध पहल चाहती है। जाति जनगणना के मुद्दे पर वेणुगोपाल ने कहा कि मोदी सरकार इसे कराना नहीं चाहती है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष 23 अप्रैल को सरकार ने अचानक जाति जनगणना कराने की घोषणा की थी, लेकिन इसके बाद इस दिशा में अपेक्षित कदम नहीं उठाए गए।
उनका कहना था कि कांग्रेस चाहती है कि सरकार तेलंगाना और बिहार में जाति गणना के लिए अपनाए गए मॉडल का अध्ययन करे और उसी के अनुरूप देश में जाति जनगणना कराए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर ध्यान नहीं दे रही है और लोगों के साथ विश्वासघात कर रही है।
राम मंदिर के चढ़ावे से जुड़े मामले पर कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यह केवल राम मंदिर तक सीमित मामला नहीं रह गया है, बल्कि लोगों की आस्था और भावनाओं से जुड़ा विषय बन चुका है। उन्होंने इसे ‘घर-घर से जुड़े चढ़ावे का मामला’ बताते हुए कहा कि कार्यसमिति ने इसकी उच्चतम न्यायालय की निगरानी में जांच कराने की मांग की है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पांच फरवरी 2020 को राम मंदिर निर्माण के लिए न्यास के गठन की घोषणा की थी और लोगों ने इसी विश्वास के साथ मंदिर निर्माण के लिए चढ़ावा दिया था। उन्होंने कहा कि प्रदेश कांग्रेस समितियों को इस मुद्दे को जोर शोर से उठाने तथा पंचायत और गांव स्तर तक ले जाने के लिए कहा गया है।
- चीन के साथ सीमा की स्थिति को लेकर भी कार्यसमिति ने गंभीर चिंता जताई।
- वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि अमेरिका और चीन के सामने भारत की विदेश नीति कमजोर हुई है।
- उन्होंने कहा कि चीन के साथ हुए समझौतों और सीमा पर उसकी गतिविधियों को लेकर गंभीर सवाल हैं।
- गलवान के बाद अब अरुणाचल प्रदेश में भी चीन की गतिविधियों से जुड़े सवाल उठ रहे हैं।
- उन्होंने कहा कि सरकार को देश के सामने सीमा की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के हल्द्वानी में हुए कार्यक्रम के बाद ‘शुद्धिकरण’ की घटना पर कांग्रेस नेताओं ने कहा कि कार्यसमिति ने इसकी कड़ी निंदा की है और मोदी से इस पर माफी मांगने की मांग की है। उन्होंने कहा कि खरगे किसी जाति विशेष के नेता नहीं, बल्कि देश की जनता के नेता हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि इस घटना के पीछे उच्च जातीय मानसिकता दिखाई देती है और यह संविधान की भावना के खिलाफ है।
वेणुगोपाल ने परिसीमन के मुद्दे पर कहा कि कांग्रेस की राय स्पष्ट है कि लोकसभा की मौजूदा 543 सीटों की संख्या अगले 25 वर्षों तक कायम रहनी चाहिए और इन्हीं 543 सीटों में महिलाओं को आरक्षण दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि परिसीमन की प्रक्रिया में राज्यों के बीच राजनीतिक प्रतिनिधित्व के संतुलन और संघीय ढांचे की भावना का ध्यान रखा जाना चाहिए।
उन्होंने बताया कि कार्यसमिति ने संगठन सृजन कार्यक्रम की उपलब्धियों पर भी चर्चा की। अब तक 798 जिला कांग्रेस समितियों, ब्लॉक समितियों आदि का गठन किया जा चुका है। बैठक में केरल के लोगों के प्रति भी आभार व्यक्त किया गया कि उन्होंने कांग्रेस को सरकार बनाने का अवसर दिया है। बैठक में चारों कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्री भी मौजूद थे।
