नई दिल्ली। भारत और जापान के बीच बढ़ते आर्थिक सहयोग को और मजबूती देने के लिए केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल 24 से 27 अगस्त तक जापान के दौरे पर रहेंगे। यात्रा के दौरान वह जापान सरकार और उद्योग जगत के शीर्ष प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे। गोयल ने बताया कि, वित्त वर्ष 2025-26 में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार बढ़कर करीब 27.5 अरब डॉलर पहुंच गया है। जापान भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के पांचवें सबसे बड़े स्रोत के रूप में भी उभरा है।
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एक कार्यक्रम में जापानी प्रतिनिधिमंडल को संबोधित करते हुए गोयल ने जापानी कंपनियों से भारत में निवेश बढ़ाने की अपील की। उन्होंने कहा कि भारत का विशाल बाजार, युवा कार्यबल और बेहतर होती कनेक्टिविटी जापानी उद्योगों के लिए बड़े अवसर पैदा कर रहे हैं। भारत-जापान साझेदारी के उदाहरणों में मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल, कई शहरों की मेट्रो परियोजनाएं और विभिन्न राज्यों में स्थापित जापानी औद्योगिक टाउनशिप शामिल हैं। भारत में फिलहाल 1,400 से अधिक जापानी कंपनियां कारोबार कर रही हैं।
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गोयल ने जुलाई में हुए भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि दोनों देश निवेश, तकनीक और औद्योगिक सहयोग को नई ऊंचाई देने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। जापान का अगले दशक में भारत में 10 ट्रिलियन येन निवेश का लक्ष्य इस साझेदारी की बढ़ती अहमियत को दर्शाता है।
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