नई दिल्ली। सावन माह में भगवान शिव की आराधना का विशेष महत्व माना जाता है। इस बार 25 अगस्त, मंगलवार को पड़ने वाला प्रदोष व्रत भक्तों के लिए खास रहने वाला है। मंगलवार के दिन त्रयोदशी तिथि होने के कारण इसे भौम प्रदोष व्रत कहा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन भगवान शिव, माता पार्वती और हनुमानजी की पूजा करने से सुख-समृद्धि और आरोग्य की कामना की जाती है। पंचांग के अनुसार त्रयोदशी तिथि 25 अगस्त की सुबह 6:20 बजे से शुरू होकर 26 अगस्त की सुबह 7:59 बजे तक रहेगी। प्रदोष काल में भगवान शिव की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। 25 अगस्त को शाम 6:51 बजे से रात 9:04 बजे तक पूजा का शुभ समय बताया गया है।
इस दौरान शिवलिंग का जल या पंचामृत से अभिषेक करें और भगवान शिव को बेलपत्र, फूल व धतूरा अर्पित करें। इसके बाद माता पार्वती की पूजा कर हनुमानजी के सामने दीपक जलाया जा सकता है। मंगलवार होने के कारण इस दिन हनुमान चालीसा का पाठ करना भी शुभ माना जाता है। सुबह स्नान के बाद व्रत का संकल्प लेकर दिनभर श्रद्धापूर्वक उपवास करें। शाम को प्रदोष काल में ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जाप, शिव परिवार और हनुमानजी की आरती करें। धार्मिक मान्यता है कि भौम प्रदोष की पूजा से ऋण और आर्थिक परेशानियों से राहत की कामना की जाती है।

