लंबे समय तक इयरफोन का यूज़ करना हो सकता है घातक, डॉक्टरों ने दी चेतावनी

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नई दिल्ली। घर, ऑफिस, मेट्रो या कॉलेज- आजकल बड़ी संख्या में लोग कानों में ईयरफोन्स या ईयरबड्स लगाकर संगीत, ऑनलाइन क्लास, गेमिंग या मीटिंग में व्यस्त नजर आते हैं। डिजिटल दौर में नॉइस कैंसिलेशन तकनीक वाले ईयरबड्स का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि इनका लंबे समय तक और तेज आवाज में इस्तेमाल सुनने की क्षमता पर असर डाल सकता है। मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के ईएनटी सीनियर कंसल्टेंट Dr. Suveen Kalra के अनुसार एक्टिव नॉइज कैंसलेशन (ANC) तकनीक का मुख्य उद्देश्य बाहरी शोर को कम करना होता है। इससे यूजर कम वॉल्यूम में भी आवाज साफ सुन सकता है। विशेषज्ञों के मुताबिक समस्या तकनीक से नहीं बल्कि तेज आवाज में और लंबे समय तक ईयरबड्स इस्तेमाल करने से हो सकती है।

डॉक्टरों के अनुसार यदि लंबे समय तक ऊंचे वॉल्यूम पर संगीत या ऑडियो सुना जाए तो कान के अंदर मौजूद संवेदनशील कोशिकाओं पर दबाव पड़ सकता है। लगातार ऐसा होने पर सुनने की क्षमता प्रभावित होने की संभावना बढ़ जाती है। इसलिए विशेषज्ञ मध्यम वॉल्यूम में और सीमित समय तक ही ईयरफोन्स इस्तेमाल करने की सलाह देते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि ईयरबड्स का उपयोग करते समय बीच-बीच में ब्रेक लेना जरूरी है। इससे कानों को आराम मिलता है और संभावित नुकसान से बचाव हो सकता है। इसके अलावा साफ-सफाई का भी ध्यान रखना चाहिए, क्योंकि गंदे ईयरबड्स से कानों में संक्रमण का खतरा भी बढ़ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर किसी व्यक्ति को कानों में घंटी बजने जैसी आवाज, दर्द या सुनने में परेशानी महसूस हो तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। समय रहते जांच कराने से समस्या को बढ़ने से रोका जा सकता है। डॉक्टरों के मुताबिक सही तरीके से और सीमित समय तक ईयरबड्स का उपयोग करने से आमतौर पर गंभीर खतरा नहीं होता, लेकिन लगातार तेज आवाज में इस्तेमाल से सुनने की क्षमता पर असर पड़ने की आशंका बनी रहती है।