रायपुर। प्रदेश के राजधानी रायपुर में क्रिश्चियन फोरम के अध्यक्ष अरुण पन्नालाल की गिरफ्तारी के बाद छत्तीसगढ़ की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा विधायक और पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर ने पन्नालाल पर गंभीर आरोप लगाते हुए पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
चंद्राकर ने दावा किया कि, पन्नालाल के खिलाफ सिर्फ गिरफ्तारी तक कार्रवाई सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि उनके कथित वित्तीय स्रोत, संस्थाओं से मिले फंड और गतिविधियों की भी जांच होनी चाहिए। हालांकि, उनके लगाए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। वहीं, कांग्रेस संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने भाजपा विधायक के आरोपों पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि, धर्मांतरण के मुद्दे पर लोगों को भड़काकर माहौल खराब करने की कोशिश नहीं होनी चाहिए। कांग्रेस ने पन्नालाल की गिरफ्तारी को लेकर भी सवाल उठाए।
इस बीच दोनों नेताओं के बीच कांग्रेस संगठन की रैंकिंग और पेट्रोल-डीजल से जुड़े मुद्दों पर भी जुबानी जंग देखने को मिली। रायपुर में कमिश्नरेट प्रणाली को लेकर भी मतभेद सामने आए। चंद्राकर ने शहर को अलग-अलग हिस्सों में बांटने के बजाय पूरी तरह कमिश्नरेट व्यवस्था के तहत रखने की बात कही। कांग्रेस ने इसके उलट सरकार की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए। यानी धर्मांतरण से शुरू हुआ विवाद अब कानून-व्यवस्था और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तक पहुंच गया है।
