Gen Z पर बदलीं बयान कंगना का , युवाओं को बताया देश की ताकत

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नई दिल्ली। अभिनेत्री और भारतीय जनता पार्टी (BJP) सांसद कंगना रनौत ने ‘Gen Z’ को लेकर दिए गए अपने पुराने बयान पर सफाई देते हुए अब युवाओं की तारीफ की है। कुछ समय पहले ‘Gen Z’ प्रदर्शनकारियों को ‘जनरेशन गटर’ कहने को लेकर विवादों में आईं कंगना ने अब कहा है कि युवा पीढ़ी देश की सबसे बड़ी ताकत और संपत्ति है। कंगना रनौत ने संसद के बाहर पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि देश के युवा भारत की संस्कृति और पहचान के दूत के रूप में सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में युवा देश की सांस्कृतिक विरासत से जुड़ रहे हैं, जो एक सकारात्मक संकेत है।

मोहन भागवत के बयान का किया समर्थन
कंगना का यह बयान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत के उस बयान के बाद आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि ‘Gen Z’ की बातों को सुना जाना चाहिए और उनकी मांगों को देश विरोधी नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए। कंगना ने मोहन भागवत के विचारों का समर्थन करते हुए कहा कि उन्हें भागवत के अनुभव और ज्ञान से सीखने का अवसर मिलता है। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं का बड़ी संख्या में राष्ट्र और संस्कृति से जुड़ना खुशी की बात है।

उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी देश की ताकत है और उनकी भागीदारी से भारत की पहचान को मजबूती मिलती है। पहले बयान पर हुआ था विवाद कंगना रनौत का ‘Gen Z’ को लेकर पहले दिया गया बयान सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना था। उन्होंने कुछ प्रदर्शनकारी युवाओं की आलोचना करते हुए उन्हें ‘जनरेशन गटर’ कहा था। उनके इस बयान के बाद कई लोगों ने सवाल उठाए थे और इसे युवाओं के प्रति कठोर टिप्पणी बताया था। हालांकि, अब कंगना ने अपने रुख में बदलाव करते हुए युवाओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया है।

संस्कृति और पहचान से जोड़ने पर जोर
BJP सांसद ने कहा कि युवा देश की सांस्कृतिक पहचान को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने कहा कि जब युवा अपनी संस्कृति और परंपराओं से जुड़ते हैं तो इससे देश को मजबूती मिलती है। कंगना ने युवाओं को देश की सबसे बड़ी संपत्ति बताते हुए कहा कि उनकी ऊर्जा और भागीदारी राष्ट्र निर्माण में अहम योगदान दे सकती है।

राहुल गांधी पर साधा निशाना
कंगना रनौत ने अपने बयान के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी निशाना साधा। उन्होंने झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों से मिलने के लिए झारखंड जाने की जरूरत नहीं समझी। कंगना ने विपक्षी नेताओं की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें युवाओं के मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए। हालांकि, राहुल गांधी या कांग्रेस की ओर से इस टिप्पणी पर तत्काल प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

युवाओं के मुद्दों पर राजनीतिक बहस
Gen Z यानी नई युवा पीढ़ी को लेकर देश में हाल के वर्षों में राजनीतिक और सामाजिक बहस तेज हुई है। रोजगार, शिक्षा, पारदर्शिता और सामाजिक मुद्दों को लेकर युवा अपनी आवाज उठाते रहे हैं। राजनीतिक दल भी युवाओं को अपने साथ जोड़ने की कोशिश करते रहे हैं। ऐसे में नेताओं की ओर से युवाओं को लेकर दिए गए बयान अक्सर चर्चा का विषय बन जाते हैं।

कंगना का बदला रुख चर्चा में
कंगना रनौत का ताजा बयान उनके पहले रुख से अलग माना जा रहा है। जहां पहले उन्होंने प्रदर्शनकारी युवाओं की आलोचना की थी, वहीं अब उन्होंने पूरी Gen Z पीढ़ी को देश की ताकत बताया है। उन्होंने अपने बयान में युवाओं के सकारात्मक योगदान, सांस्कृतिक जुड़ाव और राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका पर जोर दिया। फिलहाल, कंगना के इस बदले हुए रुख को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा जारी है। उनके बयान ने एक बार फिर Gen Z, युवाओं की भूमिका और राजनीतिक दलों के बीच इस मुद्दे पर बहस को तेज कर दिया है।