नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास तक मार्च निकालने के आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक एवं पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के ऐलान पर दिल्ली पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि प्रस्तावित मार्च के लिए न तो कोई औपचारिक अनुमति मांगी गई है और न ही किसी प्रकार की मंजूरी दी गई है। राजधानी में फिलहाल भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू है, जिसके चलते संवेदनशील क्षेत्रों में बिना अनुमति जुलूस, मार्च या सार्वजनिक जमावड़े की अनुमति नहीं है।
केजरीवाल ने E20 (20 प्रतिशत एथनॉल मिश्रित ईंधन) नीति का विरोध करते हुए प्रधानमंत्री को ज्ञापन सौंपने की घोषणा की है। उनका कहना है कि E20 के खिलाफ चलाए गए अभियान के तहत दो लाख से अधिक लोगों ने हस्ताक्षर किए हैं और वे यही हस्ताक्षरित याचिका प्रधानमंत्री को सौंपना चाहते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार अमेरिकी दबाव में एथनॉल मिश्रित ईंधन को बढ़ावा दे रही है और लोगों पर E20 ईंधन थोपा जा रहा है।
वहीं, दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने केजरीवाल के प्रस्तावित मार्च को राजनीतिक स्टंट करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना अनुमति मार्च निकालने का उद्देश्य केवल सुर्खियां बटोरना और बाद में खुद को पीड़ित के रूप में पेश करना है। मल्होत्रा ने कहा कि कांग्रेस और AAP के बीच खुद को सबसे बड़ा “अराजकतावादी” साबित करने की होड़ चल रही है।
केजरीवाल ने यह भी दावा किया कि उन्होंने पिछले महीने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर मुलाकात का समय मांगा था, लेकिन अब तक कोई जवाब नहीं मिला। उन्होंने मांग की है कि पेट्रोल पंपों पर उपभोक्ताओं को शुद्ध पेट्रोल और E20 दोनों विकल्प उपलब्ध कराए जाएं तथा एथनॉल मिश्रित पेट्रोल की कीमतों में भी कमी की जाए। फिलहाल प्रस्तावित मार्च को लेकर दिल्ली पुलिस की निगरानी बढ़ा दी गई है और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
