नई दिल्ली। कॉकरेच जनता पार्टी (CJP) ने अपनी फंडिंग और संस्थापक अभिजीत दिपके से जुड़ी आर्थिक जांच की मांग को लेकर उठे विवाद पर प्रतिक्रिया दी है। पार्टी प्रवक्ता वैष्णवी गौर ने RTI एक्टिविस्ट अमित तिवारी पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर पारदर्शिता की बात हो रही है तो PM केयर्स फंड जैसे मामलों की भी जांच होनी चाहिए। अमित तिवारी ने 1 अगस्त को भारत निर्वाचन आयोग, सीबीआईसी और महाराष्ट्र सरकार समेत कई सरकारी संस्थाओं को शिकायत भेजकर CJP की फंडिंग, कानूनी स्थिति और संस्थापक अभिजीत दिपके के पिता भगवानराव दिपके की आर्थिक स्थिति की जांच की मांग की थी। इसके साथ ही उन्होंने वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल की ओर से घोषित 1 करोड़ रुपये के लीगल डिफेंस फंड पर 18 प्रतिशत जीएसटी लगाने की मांग भी उठाई थी।
इन शिकायतों पर प्रतिक्रिया देते हुए CJP प्रवक्ता वैष्णवी गौर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि किसी व्यक्ति की निजी शिक्षा और पारिवारिक खर्च को राजनीतिक मुद्दा बनाना उचित नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोगों को चुनिंदा तरीके से निशाना बनाया जा रहा है। गौर ने कहा कि यदि आर्थिक पारदर्शिता को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं तो सभी संस्थाओं और फंड से जुड़े मामलों की समान रूप से जांच होनी चाहिए। उन्होंने अपने बयान में PM केयर्स फंड का जिक्र करते हुए तंज भी कसा।
CJP ने अमित तिवारी की शिकायतों को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया है। पार्टी का कहना है कि उसकी फंडिंग और कानूनी स्थिति पर उठाए जा रहे सवाल वास्तविक तथ्यों के बजाय राजनीतिक एजेंडे का हिस्सा हैं। फिलहाल, संबंधित सरकारी एजेंसियों की ओर से इन शिकायतों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि जांच एजेंसियां इन मांगों को लेकर क्या कदम उठाती हैं।
