गांजा तस्करी मामले में आरोपी को 5 साल की सजा, 50 हजार जुर्माना

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रायपुर। राजधानी रायपुर की विशेष एनडीपीएस कोर्ट ने गांजा रखने और अवैध रूप से ले जाने के मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने आरोपी विनोद निषाद को दोषी ठहराते हुए 5 साल के सश्रम कारावास की सजा दी है। इसके साथ ही अदालत ने आरोपी पर 50 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माने की राशि जमा नहीं करने पर आरोपी को अतिरिक्त एक साल की जेल की सजा भुगतनी होगी। यह मामला रायपुर के मौदहापारा थाना क्षेत्र से जुड़ा हुआ है। पुलिस के अनुसार, 11 जून 2025 को मुखबिर से सूचना मिली थी कि शहीद स्मारक पार्किंग क्षेत्र में एक युवक काले रंग का बैग लेकर खड़ा है और उसके पास अवैध गांजा रखा हुआ है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची और संदिग्ध युवक की घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया। पूछताछ के दौरान युवक ने अपना नाम विनोद निषाद बताया। इसके बाद पुलिस ने नियमानुसार कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए उसके पास मौजूद बैग की तलाशी ली।

तलाशी के दौरान बैग के अंदर दो अलग-अलग पैकेट मिले। पुलिस ने जब इन पैकेटों की जांच की तो उनमें गांजा बरामद हुआ। इलेक्ट्रॉनिक मशीन से वजन करने पर पहले पैकेट में 1.874 किलोग्राम और दूसरे पैकेट में 2.024 किलोग्राम गांजा पाया गया। दोनों पैकेटों का कुल वजन 3.898 किलोग्राम था। पुलिस के अनुसार, जब्त गांजे की अनुमानित कीमत करीब 38 हजार रुपए थी। पुलिस ने आरोपी से गांजा रखने और परिवहन करने से संबंधित वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा, लेकिन वह कोई भी अनुमति पत्र या दस्तावेज नहीं दिखा सका। इसके बाद पुलिस ने गांजा जब्त कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और मामले की जांच शुरू की। जांच के दौरान जब्त गांजे का नमूना परीक्षण के लिए फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) भेजा गया। एफएसएल रिपोर्ट में जब्त सामग्री के गांजा होने की पुष्टि हुई। जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ न्यायालय में चालान पेश किया।

सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने पुलिस कार्रवाई, जब्ती पंचनामा, जांच रिपोर्ट और एफएसएल रिपोर्ट सहित अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य अदालत के सामने प्रस्तुत किए। विशेष न्यायाधीश (एनडीपीएस एक्ट) डमरुधर चौहान ने मामले की सुनवाई करते हुए सभी साक्ष्यों का परीक्षण किया। अदालत ने माना कि आरोपी के कब्जे से अवैध गांजा बरामद हुआ था और वह इसके संबंध में कोई वैध अनुमति या दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके आधार पर कोर्ट ने आरोपी विनोद निषाद को एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(B)(ii)(B) के तहत दोषी करार दिया और 5 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 50 हजार रुपए का अर्थदंड लगाया गया।

अदालत के इस फैसले के बाद पुलिस अधिकारियों ने कहा कि मादक पदार्थों की अवैध तस्करी और बिक्री के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी है। पुलिस का कहना है कि नशे के कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने आम लोगों से भी अपील की है कि यदि उनके आसपास कोई व्यक्ति अवैध रूप से गांजा, नशीले पदार्थ या अन्य प्रतिबंधित सामग्री का कारोबार करता दिखाई दे तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।