रायपुर। छत्तीसगढ़ प्रिंटर्स एसोसिएशन ने एमएसएमई मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग से प्रदेश की पहली इंटरनेशनल प्रिंटिंग कॉन्फ्रेंस का आयोजन रायपुर में किया। सम्मेलन में भारत के अलावा सिंगापुर, श्रीलंका और नेपाल से आए विशेषज्ञों ने प्रिंटिंग और पैकेजिंग उद्योग में हो रहे तकनीकी बदलावों और भविष्य की संभावनाओं पर अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम के मीडिया पार्टनर न्यूज 24 एमपी-सीजी और लल्लूराम डॉट कॉम रहे। सम्मेलन में प्रिंटिंग एवं पैकेजिंग उद्योग से जुड़े उद्यमियों, तकनीकी विशेषज्ञों और व्यवसायियों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। इस दौरान ऑटोमेशन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डिजिटल प्रिंटिंग और आधुनिक मशीनों के उपयोग जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।
विशेषज्ञों ने बताया कि बदलते दौर में प्रिंटिंग उद्योग तेजी से तकनीक आधारित हो रहा है। नई मशीनों, बेहतर प्रोडक्शन क्वालिटी, कम लागत और तेज़ उत्पादन क्षमता के जरिए उद्योग को अधिक प्रतिस्पर्धी बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा बनाए रखने के लिए आधुनिक तकनीकों को अपनाना समय की आवश्यकता है। कॉन्फ्रेंस का उद्देश्य छत्तीसगढ़ के प्रिंटिंग उद्योग को अंतरराष्ट्रीय तकनीकों और नए व्यावसायिक अवसरों से जोड़ना था। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को विशेषज्ञों से सीधे संवाद करने और उद्योग से जुड़े सवालों के जवाब प्राप्त करने का अवसर भी मिला।
सम्मेलन में विभिन्न राज्यों से आए उद्योग प्रतिनिधियों ने निवेश, नवाचार और व्यापार विस्तार की संभावनाओं पर भी चर्चा की। इस अवसर पर 200 से अधिक डोनर्स का सम्मान किया गया, नए सदस्यों का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित हुआ और मेगा लकी ड्रॉ भी कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रहा। आयोजकों का कहना है कि इस तरह के अंतरराष्ट्रीय आयोजनों से प्रदेश के प्रिंटिंग एवं पैकेजिंग उद्योग को नई दिशा मिलेगी, युवाओं के लिए रोजगार और उद्यमिता के अवसर बढ़ेंगे तथा छत्तीसगढ़ राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बना सकेगा।


