गृह मंत्रालय का फर्जी अफसर बन करोड़ों की ठगी: निलंबित आईएएस के खाते में भी पहुंचा पैसा, ईडी ने जब्त किए रु.1.12 करोड़

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अगरतला। खुद को गृह मंत्रालय (MHA) का वरिष्ठ अधिकारी बताकर और सरकारी विभागों के नाम से फर्जी कंपनियां बनाकर निवेशकों को करोड़ों रुपये का चूना लगाने वाले एक बड़े सिंडिकेट पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। इस हाई-प्रोफाइल मनी लॉन्ड्रिंग मामले में त्रिपुरा कैडर के निलंबित IAS अधिकारी अभिषेक चंद्रा समेत अन्य आरोपियों के रु.1.12 करोड़ के बैंक बैलेंस को प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत कुर्क (Attach) कर लिया गया है।

ईडी के अनुसार, इस पूरे फर्जीवाड़े का मास्टरमाइंड उत्पल कुमार चौधरी है। उसने ‘उच्च शिक्षा निदेशालय, त्रिपुरा’ जैसे नामों से फर्जी कंपनियां बनाईं और एक ट्रस्ट पर कब्जा कर लिया। इसके बाद उसने कारोबारियों को सरकारी टेंडर, मिड-डे मील सप्लाई और रबर व्यापार में मोटे मुनाफे का लालच देकर करोड़ों रुपये ऐंठ लिए।

ठगी की इस रकम को शेल कंपनियों और नकद निकासी के जरिए ठिकाने लगाया गया। जांच में खुलासा हुआ कि ठगी की रकम निलंबित IAS अधिकारी अभिषेक चंद्रा के निजी खातों में भी ट्रांसफर की गई थी। इतना ही नहीं, ठगी करने वाली संस्थाओं ने उनके लिए एक फ्लैट की बुकिंग का भुगतान भी किया था। ईडी अब तक इस मामले में कुल ₹1.63 करोड़ की संपत्ति कुर्क कर चुकी है और जांच जारी है।