नई दिल्ली। भीषण गर्मी में पानी की किल्लत से जूझने वाले दिल्लीवासियों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर है। दिल्ली सरकार ने मुनक नहर से आने वाले कच्चे पानी की चोरी और लीकेज रोकने के लिए ऐतिहासिक कदम उठाया है। अब मुनक नहर के खुले पानी को सुरक्षित पाइपलाइन नेटवर्क के जरिए दिल्ली तक पहुंचाया जाएगा। करीब 102 किलोमीटर लंबी इस नहर का 17 किलोमीटर हिस्सा दिल्ली सीमा में आता है, और पूरी पाइपलाइन परियोजना पर लगभग रु.7,000 करोड़ खर्च होने का अनुमान है।
क्योंकि नहर की जमीन हरियाणा के अधिकार क्षेत्र में आती है, इसलिए पाइपलाइन बिछाने का काम हरियाणा सरकार करेगी, जबकि इसका पूरा वित्तीय खर्च दिल्ली सरकार उठाएगी। दोनों राज्यों के बीच इस मॉडल पर सहमति बन गई है। वर्तमान में खुले चैनल के कारण करीब 30 से 40 प्रतिशत पानी लीकेज और टैंकर माफियाओं द्वारा चोरी हो जाता है। इस योजना के लागू होने से हरियाणा द्वारा छोड़ा जाने वाला 700 क्यूसेक पानी बिना किसी नुकसान के हैदरपुर वाटर ट्रीटमेंट प्लांट पहुंचेगा। इससे उत्तर-पश्चिम, पश्चिम, बाहरी और दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के लाखों निवासियों को निर्बाध और पर्याप्त पानी मिल सकेगा।
