नई दिल्ली। राज्यसभा की कार्यवाही सोमवार को शोक संदेशों के साथ शुरू हुई। सभापति ने पूर्व राज्यसभा सदस्यों बलबीर के. पुंज, स्वपन साधन बोस, रंगासायी रामकृष्ण और एच. हनुमंथप्पा सहित कतर के पूर्व अमीर शेख हमद बिन खलीफा अल-थानी के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। इसके बाद सदन ने दिवंगत आत्माओं की स्मृति में दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की।
सभापति ने कहा कि, देश ने इन हस्तियों के निधन से राजनीति, पत्रकारिता, खेल, प्रशासन और समाज सेवा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले व्यक्तित्व खो दिए हैं। बलबीर के. पुंज को वरिष्ठ पत्रकार, लेखक और विचारक के रूप में याद किया गया, जबकि स्वपन साधन बोस के खेल प्रशासन और भारतीय फुटबॉल में योगदान को सराहा गया।
रंगासायी रामकृष्ण और एच. हनुमंथप्पा के प्रशासनिक अनुभव और जनसेवा के कार्यों का भी उल्लेख किया गया। दोनों ने अपने लंबे सार्वजनिक जीवन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। सदन ने कतर के पूर्व अमीर शेख हमद बिन खलीफा अल-थानी को भी श्रद्धांजलि दी। सभापति ने उन्हें आधुनिक कतर के निर्माण में अहम भूमिका निभाने वाला दूरदर्शी नेता बताया और भारत-कतर संबंधों को मजबूत करने में उनके योगदान को याद किया।राज्यसभा ने सभी दिवंगत नेताओं के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की।
