नई दिल्ली। संसद के आगामी मानसून सत्र से पहले कांग्रेस ने स्पष्ट कर दिया है कि वह केंद्र सरकार द्वारा लाए जाने वाले परिसीमन और संविधान संशोधन से जुड़े प्रस्तावों का विरोध करेगी। कांग्रेस पार्लियामेंट्री स्ट्रेटजी कमेटी की बैठक में इस मुद्दे पर सहमति बनी। बैठक के बाद पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने इसकी जानकारी दी। मानसून सत्र से पहले हुई करीब डेढ़ घंटे की बैठक में कांग्रेस नेताओं ने संभावित विधेयकों और संसद में विपक्ष की रणनीति पर चर्चा की। बैठक में परिसीमन, संविधान संशोधन समेत कई प्रस्तावित विधेयकों का विरोध करने का फैसला लिया गया।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि भाजपा दो-तिहाई बहुमत हासिल करने के लिए राजनीतिक जोड़तोड़ कर रही है। उन्होंने कहा कि इंडिया गठबंधन की सभी पार्टियां मिलकर सरकार के इन प्रस्तावों का विरोध करेंगी। उनके मुताबिक, विपक्ष विभिन्न राजनीतिक दलों के संपर्क में है और संसद में साझा रणनीति के साथ सरकार को घेरने की तैयारी कर रहा है। जयराम रमेश ने कहा कि लोकसभा में भाजपा के पास वास्तविक दो-तिहाई बहुमत नहीं है। उन्होंने दावा किया कि विपक्ष संसद में कई मुद्दे उठाएगा, जिनमें चंदा, पेपर लीक, एथेनॉल से जुड़े कथित मामले, विदेश नीति और अन्य राष्ट्रीय मुद्दे शामिल हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) की सांसद सुप्रिया सुले ने परिसीमन को लेकर सामने आई खबरों का खंडन किया है। जयराम रमेश के अनुसार, विपक्ष इस मुद्दे पर भी समन्वय बनाए हुए है। कांग्रेस सांसद नासिर हुसैन ने भी कहा कि पार्टी सरकार के कई प्रस्तावित विधेयकों का विरोध करेगी। इनमें परिसीमन, संविधान संशोधन, ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’, एफसीआरए संशोधन और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम में प्रस्तावित बदलाव जैसे विषय शामिल हैं।
