रायपुर। राजधानी के बुढ़ापारा स्थित माधवराव सप्रे उत्कृष्ठ हिन्दी-इंग्लिश स्कूल के छात्रों और उन्हें लेने और छोड़ने वाले अभिभावकों व आटो चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बताया जा रहा है की स्कूल में मेन गेट के बाहर जगह की कमी और अवैध पार्किंग के चलते सुबह-शाम छुट्टियों के समय परिसर से निकलने में छात्रों और अभिभावकों को काफी असुविधा होती है। तथा जानकारी से यह भी पता चला की स्कूल परिसर के प्रवेश द्वार से होकर ही खेल अकादमी और निगम से संबंधित केन्द्रों में आने जाने के लिए वही आम रास्ता है,
जानकारी में यह भी पता चला की स्कूल परिसर के अंदर ही कर्मचारी भवन का भी द्वार है इस रस्ते से केवल चार पहिया वाहन की आवा-जाही होती है तथा
पार्किंग पूरे दिन बनी रहती है। इतना ही नहीं बताया जा रहा है की ,स्कूल परिसर के अंदर प्रवेश द्वार के पास ही कुछ आटोडील वाले भी कुर्सी जमा कर बैठे रहते हैं तथा उनके चार पहिया वाहन भी स्कूल के मुख्य गेट के सामने खड़ी होती है । जिसके कारण अभिभावकों को अपनी दुपहिया वाहन तथा बच्चों को लेने आने वाले आटो चालकों को बीच में ही गाडिया खड़ी करनी पड़ती है। आम रास्ता होने से छुट्टी के समय भी लोग अपने बच्चों को खेल अकादमी छोड़ने के लिये चार पहिया वाहन परिसर के अंदर घुसा देते हैं। इससे छोटे-छोटे बच्चों को निकलने में काफी परेशानी होती है। स्कूल की बाउंड्री के बाहर मेन रोड पर भी प्रवेश द्वार को छोड़कर बिजली आफिस से लेकर बूढ़ा तालाब तक चार पहिया वाहनों की पार्किंग रहती है इससे आटो चालकों को अपनी गाड़ी सड़क के बीचो-बीच खड़ी करनी पड़ती है इससे यातायात भी बाधित होता है।
स्कूल प्रबंधन छात्रों और अभिभावकों की परेशानी दूर करने के लिए कोई कदम नहीं उठा रहा है। हैरानी कि बात है कि पिछले दिनों 21 जून को संपन्न नीट एक्जाम के दौरान डीएम गौरव सिंह ने परीक्षा केन्द्र का निरीक्षण किया था। छुट्टी का समय होने के चलते स्कूल परिसर से निकलते समय उन्होंने बच्चों व अभिभावकों की इस समस्या को प्रत्यक्ष देखा लेकिन इसके समाधान के लिए स्कूल प्रबंधन व निगम प्रशासन को कोई निर्देश नहीं दिया। छात्रों व अभिभावको की परेशानी को देखते हुए स्कूल का गेट सप्रे मैदान की ओर खोला जाना चाहिए जिससे यह अव्यवस्था दूर हो सके।

