इस्लामाबाद।पाकिस्तान के इस्लामाबाद में आयोजित टीडब्लूटी (Indus Waters Treaty) अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में पाकिस्तान ने एक बार फिर सिंधु जल संधि को लेकर भारत पर तीखा हमला बोला। पाकिस्तान की पूर्व विदेश मंत्री हिना रब्बानी खार ने कहा कि इस समझौते में किसी भी तरह की अस्थिरता पैदा करना क्षेत्रीय शांति के लिए बेहद नुकसानदायक हो सकता है।
हिना रब्बानी खार ने आरोप लगाया कि, भारत का मौजूदा रुख दोनों देशों के बीच तनाव को बढ़ा सकता है और इससे द्विपक्षीय संबंध और अधिक बिगड़ सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि, सिंधु जल संधि जैसे महत्वपूर्ण समझौते को कमजोर करना अंतरराष्ट्रीय नियमों और क्षेत्रीय स्थिरता के खिलाफ है। भारत की ओर से सिंधु जल संधि पर लिए गए हालिया रुख के बाद पाकिस्तान में चिंता बढ़ गई है। पाकिस्तानी नेता लगातार इस मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उठा रहे हैं और संधि को बचाने की मांग कर रहे हैं। साथ ही कई बार धमकी भरे बयानों के जरिए भी अपनी नाराजगी जाहिर की गई है।
सम्मेलन में हिना रब्बानी खार ने यह भी दावा किया कि अगर भारत इस समझौते को रोकने या कमजोर करने की कोशिश करता है तो यह गंभीर स्थिति पैदा कर सकता है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भी इस मुद्दे पर ध्यान देने की अपील की। सिंधु नदी प्रणाली पाकिस्तान की कृषि और जल आपूर्ति के लिए बेहद अहम मानी जाती है, क्योंकि देश की बड़ी आबादी इसी पर निर्भर है। इसी वजह से सिंधु जल संधि को पाकिस्तान में एक जीवनरेखा समझा जाता है।
