शादी-ब्याह पर फिर लगेगा ब्रेक! 25 जुलाई से शुरू होगा चातुर्मास, थम जाएंगे सभी मांगलिक कार्य

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नई दिल्ली। जुलाई का महीना उन लोगों के लिए अहम है जो विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन या जनेऊ जैसे मांगलिक कार्यों की योजना बना रहे हैं। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, इस महीने केवल 2, 3, 4, 9, 11 और 12 जुलाई तक ही शुभ मुहूर्त उपलब्ध हैं। इसके बाद शुभ कार्यों पर अस्थायी विराम लग जाएगा।

दरअसल, 25 जुलाई से चातुर्मास की शुरुआत हो रही है, जिसे देवशयनी एकादशी भी कहा जाता है। इस दिन से भगवान विष्णु योगनिद्रा में चले जाते हैं और अगले चार महीनों तक विवाह सहित सभी बड़े मांगलिक कार्यों पर परंपरागत रोक लग जाती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस अवधि में सृष्टि का संचालन भगवान शिव के अधीन माना जाता है और ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति को शुभ कार्यों के लिए अनुकूल नहीं माना जाता। इसी कारण विवाह, गृह प्रवेश, जनेऊ संस्कार और अन्य शुभ आयोजन इस समय नहीं किए जाते।

हालांकि चातुर्मास को धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है। इस दौरान लोग व्रत, पूजा, जप-तप, दान, सत्संग और कथा-श्रवण जैसे कार्यों में अधिक समय लगाते हैं। इसे आत्मिक उन्नति और साधना का श्रेष्ठ काल माना जाता है। चार महीने बाद देवउठनी एकादशी पर भगवान विष्णु के जागने के साथ ही फिर से विवाह और मांगलिक कार्यों की शुरुआत होती है। इसके बाद पूरे देश में शादी-ब्याह का सीजन एक बार फिर रफ्तार पकड़ लेता है और उत्सव का माहौल बन जाता है।