नई दिल्ली। अरुणाचल प्रदेश में चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) की कथित घुसपैठ और सैन्य शिविर स्थापित करने के दावों पर भारतीय सेना ने अपना स्पष्ट रुख सामने रखा है। सेना ने कहा है कि सीमा पर चीनी अतिक्रमण से जुड़ी मीडिया रिपोर्ट्स तथ्यहीन और पूरी तरह निराधार हैं। सोमवार को सामने आई कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि अरुणाचल प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों में चीनी सेना ने कथित रूप से अतिक्रमण कर सैन्य शिविर स्थापित किए हैं। भारतीय सेना ने इन खबरों का खंडन करते हुए कहा कि ऐसे सभी दावों का कोई तथ्यात्मक आधार नहीं है।
समाचार एजेंसी ANI के मुताबिक, सेना ने अपने बयान में कहा कि अरुणाचल प्रदेश में हालिया चीनी घुसपैठ और शिविर स्थापित किए जाने संबंधी रिपोर्ट्स पूरी तरह गलत और भ्रामक हैं। यह विवाद तब सामने आया जब अरुणाचल प्रदेश के अपर सुबनसिरी जिले के तकसिंग क्षेत्र की नाह वेलफेयर सोसाइटी (NWS) ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर आरोप लगाया कि पिछले छह वर्षों में चीनी सेना ने सीमावर्ती इलाकों में धीरे-धीरे अपनी मौजूदगी बढ़ाई है।
संगठन के अध्यक्ष केरू चादेर ने दावा किया कि नाह आदिवासी समुदाय की पारंपरिक चराई, शिकार और कृषि भूमि के कुछ हिस्सों तक अब ग्रामीणों की पहुंच नहीं है और वहां कथित रूप से चीनी सेना की गतिविधियां देखी गई हैं। उनका कहना है कि जिन क्षेत्रों का उपयोग पहले स्थानीय लोग वन उत्पाद एकत्र करने, पशु चराने और शिकार के लिए करते थे, वहां अब पीएलए की मौजूदगी बताई जा रही है।
वहीं, नाचो विधानसभा क्षेत्र के विधायक नकाप नालो ने कहा कि मामला राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा है, इसलिए इन आरोपों की आधिकारिक जांच और सत्यापन आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह गंभीर चिंता का विषय होगा। हालांकि, भारतीय सेना ने स्पष्ट किया है कि सीमा पर स्थिति सामान्य है और चीनी घुसपैठ या सैन्य शिविर स्थापित किए जाने के दावों में कोई सच्चाई नहीं है।
