नैनो उर्वरक के प्रयोग से युवा किसान पुनम की खेती बनी लाभकारी

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रायपुर।’ ग्राम दावड़ीबेड़ा (चिखलपुटी) के युवा किसान पुनम नेताम आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाकर खेती को अधिक लाभकारी बना रहे हैं। उन्होंने नैनो डीएपी और नैनो यूरिया का उपयोग कर अपनी फसलों में बेहतर उत्पादन प्राप्त किया है। पिछले दो वर्षों से वे धान, मक्का और सब्जियों की खेती में नैनो उर्वरकों का प्रयोग कर रहे हैं, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं।

कोंडागांव जिले के किसान पुनम नेताम ने बताया कि, गत वर्ष उन्होंने 10 एकड़ भूमि में मक्का की खेती की थी। नैनो उर्वरकों के उपयोग से फसल की वृद्धि अच्छी हुई और उत्पादन में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई। उनका कहना है कि, नैनो उर्वरक का छिड़काव सीधे पौधों की पत्तियों पर किया जाता है, जिससे पोषक तत्व शीघ्रता से पौधों तक पहुंचते हैं। इससे उर्वरक की उपयोग क्षमता बढ़ती है और मिट्टी की उर्वरा शक्ति पर भी प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ता। इसके विपरीत, पारंपरिक रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग से समय के साथ मिट्टी की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है।

पुनम ने बताया कि, आधुनिक तकनीक को अपनाकर खेती की लागत कम हुई है और उत्पादन बढ़ाने में मदद मिली है। उन्होंने अन्य किसानों से भी वैज्ञानिक पद्धतियों और नैनो उर्वरकों के उपयोग को अपनाने की अपील की। राज्य एवं केंद्र सरकार की किसान हितैषी योजनाओं, गुणवत्तापूर्ण बीज एवं उर्वरकों की उपलब्धता तथा कृषि विभाग के निरंतर मार्गदर्शन से जिले के किसान आधुनिक कृषि की ओर अग्रसर हो रहे हैं और खेती को अधिक लाभकारी बना रहे हैं।