लाइफस्टाइल। सूजी का हलवा तो लगभग हर घर में बनाया जाता है, लेकिन गेहूं के आटे का हलवा भी स्वाद और पोषण के मामले में किसी से कम नहीं है। यह पारंपरिक मिठाई अपने खास स्वाद, मुलायम टेक्सचर और सुगंध के लिए जानी जाती है। यही वजह है कि इसे गुरुद्वारों में कड़ा प्रसाद के रूप में भी तैयार किया जाता है। गेहूं के आटे, घी और चीनी से बनने वाला यह हलवा शरीर को ऊर्जा देने के साथ-साथ ठंड के मौसम में गर्माहट भी प्रदान करता है। अगर घर में अचानक मेहमान आ जाएं या कुछ मीठा खाने का मन हो, तो यह झटपट बनने वाली बेहतरीन रेसिपी साबित हो सकती है।
इसे बनाने के लिए सबसे पहले घी में गेहूं के आटे को धीमी आंच पर सुनहरा होने तक भूनें। जब आटे से अच्छी खुशबू आने लगे, तब उसमें धीरे-धीरे पानी या दूध मिलाएं। इसके बाद चीनी या गुड़ डालकर अच्छी तरह पकाएं। स्वाद बढ़ाने के लिए ऊपर से बादाम, काजू और अन्य ड्राई फ्रूट्स भी डाले जा सकते हैं।विशेषज्ञों के अनुसार, घर में बने पारंपरिक व्यंजन न केवल स्वादिष्ट होते हैं, बल्कि इनमें किसी प्रकार के प्रिजर्वेटिव भी नहीं होते। ऐसे में गेहूं के आटे का हलवा स्वाद और सेहत दोनों का बेहतरीन मेल माना जाता है।
