रायपुर। रायपुर ग्रामीण पुलिस ने तिल्दा-नेवरा क्षेत्र में राइस मिल से हुई धान चोरी की बड़ी वारदात का मात्र 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से चोरी किया गया धान और घटना में प्रयुक्त 2 पिकअप वाहनों को जब्त किया है। बरामद सामग्री की कुल कीमत लगभग 10 लाख 82 हजार 740 रुपये आंकी गई है।
यह मामला तब सामने आया जब प्रार्थी दीनानाथ अग्रवाल, निवासी गांधी चौक तिल्दा, ने थाना तिल्दा-नेवरा में रिपोर्ट दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि उनकी कृष्णा राइस मिल में 12-13 जून 2026 की दरम्यानी रात अज्ञात चोरों ने मिल का ताला तोड़कर बड़ी मात्रा में धान चोरी कर लिया। रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने अपराध क्रमांक 260/2026 दर्ज कर जांच शुरू की।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ग्रामीण श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा ने तत्काल निर्देश जारी कर आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम गठित की। थाना तिल्दा-नेवरा पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्य और मुखबिर तंत्र की मदद से जांच तेज की। जांच के दौरान पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिले, जिसके आधार पर चार आरोपियों की पहचान की गई और उन्हें हिरासत में लिया गया। पूछताछ में आरोपियों ने चोरी की वारदात को स्वीकार कर लिया। आरोपियों ने बताया कि उन्होंने राइस मिल से चोरी किए गए धान को वाहनों में भरकर अलग-अलग स्थानों पर छिपाया था। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर कुल 108 कट्टा धान बरामद किया है।
साथ ही चोरी में प्रयुक्त दो वाहन टाटा एस क्रमांक CG 25 AU 7682 और CG 04 PD 8673 को भी जब्त कर लिया गया है। गिरफ्तार आरोपियों में परवाना देवार (21 वर्ष), जितेन्द्र निषाद (21 वर्ष), रजत वर्मा (25 वर्ष) और सब्बी अग्रवाल उर्फ रमेश कुमार अग्रवाल (39 वर्ष) शामिल हैं, जो सभी तिल्दा-नेवरा क्षेत्र के निवासी हैं। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि घटना के तुरंत बाद तकनीकी जांच, सीसीटीवी विश्लेषण और स्थानीय स्तर पर की गई सक्रियता के चलते यह सफलता हासिल हुई। पुलिस का कहना है कि ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई से
अपराधियों में डर पैदा होता है और क्षेत्र में कानून व्यवस्था मजबूत होती है। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई करते हुए उन्हें न्यायालय में पेश किया है। मामले की आगे की जांच जारी है और यह पता लगाया जा रहा है कि इस चोरी में और कोई व्यक्ति शामिल था या नहीं। स्थानीय व्यापारियों और मिल मालिकों ने पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की सराहना की है। इस सफलता को रायपुर ग्रामीण पुलिस के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
