बोगोटा। कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो अपने एक सोशल मीडिया पोस्ट के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़े विवादों में घिर गए हैं। देश में राष्ट्रपति चुनाव के निर्णायक और अंतिम चरण के मतदान से ठीक पहले उनके इस कदम ने एक बड़ा राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया है। दरअसल, राष्ट्रपति पेट्रो ने एक प्रमुख अखबार के उस लेख को साझा किया था, जिसमें दक्षिणपंथी उम्मीदवार अबेलार्डो डे ला एस्प्रिएला का समर्थन करते हुए देश में अधिक “व्यवस्था, अधिकार और आर्थिक स्वतंत्रता” लागू करने की मांग की गई थी। इस लेख में एस्प्रिएला को पेट्रो की नीतियों को पलटने के लिए सबसे योग्य उम्मीदवार बताया गया था। इसी लेख पर पलटवार करते हुए राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो ने केवल दो शब्द लिखे-“Heil Hitler”।
नाजी तानाशाही से जुड़े इस नारे का इस्तेमाल करते ही सोशल मीडिया से लेकर दुनिया भर के राजनीतिक गलियारों में तीखी प्रतिक्रियाएं शुरू हो गईं। विपक्षी दलों ने पेट्रो पर चुनावी अभियान के दौरान नाजी प्रतीकों का गैर-जिम्मेदाराना इस्तेमाल करने का गंभीर आरोप लगाया है और इसे विरोधियों को घेरने का बड़ा हथियार बना लिया है। 21 जून को होने वाले दूसरे चरण के मतदान से ठीक पहले इस विवाद ने पूरे चुनावी माहौल को गरमा दिया है। इस घटनाक्रम के बाद राष्ट्रपति पेट्रो और इजरायल के बीच लंबे समय से चली आ रही राजनयिक तल्खी भी एक बार फिर सतह पर आ गई है। संयुक्त राष्ट्र (UN) में इजरायल के राजदूत डैनी डैनन ने पेट्रो की इस विवादित टिप्पणी की कड़े शब्दों में निंदा की है। वैश्विक स्तर पर हो रही इस फजीहत ने कोलंबियाई राष्ट्रपति की मुश्किलें काफी बढ़ा दी हैं।
