लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में अब एक साल से भी कम का समय बचा है, जिससे प्रदेश का सियासी पारा पूरी तरह चढ़ चुका है। राजनीतिक बढ़त हासिल करने के लिए सभी दल हर संभव दांव-पेच आजमा रहे हैं। यही वजह है कि हाल ही में हुए धनराज मौर्य और सूर्या चौहान हत्याकांड ने अब तूल पकड़ लिया है और इस पर जमकर राजनीति हो रही है। इन दोनों मामलों में सियासी और सांप्रदायिक रंग इस कदर हावी हो चुका है कि इसे अब हिंदू-मुस्लिम के चश्मे से देखा जा रहा है। इस बीच, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने इन दोनों हत्याओं को लेकर समाजवादी पार्टी (सपा) के मुखिया अखिलेश यादव पर बेहद तीखा हमला बोला है।
पंकज चौधरी ने विपक्षी दलों के मौन पर सवाल उठाते हुए कहा कि बलरामपुर में धनराज मौर्य और गाजियाबाद में सूर्या चौहान की एक धर्म विशेष के लोगों द्वारा की गई दर्दनाक हत्या ने दो हंसते-खेलते परिवारों की खुशियां हमेशा के लिए उजाड़ दीं। उन्होंने तंज कसा कि खुद को ‘समाजवाद’ और ‘पीडीए’ (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) का मसीहा बताने वालों की जुबान पर आज ताला लगा हुआ है। भाजपा अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि वोटबैंक की इस गंदी राजनीति ने इंसानी संवेदनाओं को भी मजहब के आधार पर बांट दिया है।
उन्होंने आगे कहा कि जिन नेताओं की संवेदनाएं केवल खास जाति और समुदाय को देखकर जागती हैं, वे आज अपने राजनीतिक स्वार्थ के कारण पूरी तरह खामोश हैं। न्याय, समानता और इंसानियत की बड़ी-बड़ी बातें करने वालों का यह दोहरा चरित्र अब जनता के सामने आ चुका है। उत्तर प्रदेश की जनता विपक्ष के इस पाखंड और चयनात्मक संवेदना को भली-भांति समझ रही है और सही समय आने पर इसका करारा जवाब देगी।
