खैरागढ़। सड़क दुर्घटना के एक पुराने मामले में बेटे को नाबालिग साबित करने के लिए फर्जी जन्म प्रमाण पत्र तैयार कराने का मामला सामने आया है। इस मामले में पुलिस ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर ऑनलाइन जन्म प्रमाण पत्र बनाने वाले फरार आरोपी को उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।मामले की शुरुआत छुईखदान के ग्राम उदान निवासी अंकल्हु राम जंघेल की शिकायत से हुई थी। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि थाना गंडई के एक पुराने सड़क दुर्घटना प्रकरण में आरोपी लक्ष्मीनाथ जंघेल ने अपने पुत्र प्रमोद जंघेल को नाबालिग दिखाने के उद्देश्य से एक ऑनलाइन जन्म प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया था। दस्तावेज में जन्मतिथि 27 दिसंबर 2005 दर्ज थी।
पुलिस जांच में यह जन्म प्रमाण पत्र फर्जी और कूटरचित पाया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तकनीकी और दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर गहन जांच शुरू की। जांच में खुलासा हुआ कि फर्जी जन्म प्रमाण पत्र तैयार करने वाला व्यक्ति उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले में रह रहा है। साइबर तकनीकी सहायता से आरोपी के मोबाइल नंबर और ठिकाने का पता लगाया गया। इसके बाद गंडई पुलिस की विशेष टीम उत्तर प्रदेश रवाना हुई और 29 मई 2026 को सुल्तानपुर जिले के वल्लीपुर निवासी 36 वर्षीय रवि निषाद को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर छत्तीसगढ़ लाया गया और सोमवार को न्यायालय में पेश किया गया। अदालत ने उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया। पुलिस अब मामले से जुड़े अन्य पहलुओं और संभावित संलिप्त लोगों की भी जांच कर रही है।
