बेंगलुरु। बढ़ते अपराधों और कमजोर होते कानून के डर पर कर्नाटक हाईकोर्ट ने एक बेहद तीखी और चौंकाने वाली टिप्पणी की है। अदालत ने अपराधियों में खौफ पैदा करने के लिए मुस्लिम देशों (मिडिल ईस्ट) जैसे सख्त सजा के पैटर्न का समर्थन किया है। मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस आर नटराज ने बेहद गंभीर लहजे में कहा कि हमारे देश में लोकतंत्र है, इसलिए लोग इसे बहुत हल्के में लेते हैं। आज अपराधियों के मन से कानून का डर पूरी तरह खत्म हो चुका है, जिससे उनके लिए अपराध करना आसान हो गया है। अगर किसी अपराधी का हाथ या पैर काट दिया जाए, तो शायद तभी लोगों को समझ आएगा कि कानून का पालन करना कितना जरूरी है।
हाईकोर्ट की यह तल्ख टिप्पणी मणिपाल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) के एक छात्र गोपी रेड्डी कार्तिक रेड्डी की जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान आई। आरोपी छात्र पर उसकी ही क्लासमेट ने उसकी मर्जी के खिलाफ यौन शोषण (रेप) करने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़िता के मुताबिक, दोनों पहले रिलेशनशिप में थे, लेकिन छात्र के आचरण पर शक होने के बाद उसने दूरी बना ली थी। आरोपी छात्र बीते 5 अप्रैल से न्यायिक हिरासत में बंद है। जस्टिस नटराज ने इस बात पर गहरी चिंता जताई कि मौजूदा नरम कानूनों के कारण अपराधियों पर कोई लगाम नहीं कस पा रही है और कानून अपनी ताकत खो रहा है। फिलहाल हाईकोर्ट ने इस मामले में राज्य सरकार को नोटिस जारी करते हुए अगली सुनवाई 8 जून तक के लिए टाल दी है।
