रायपुर। प्रदेश शासन की मंशानुरूप आमजन की समस्याओं के त्वरित निराकरण और प्रशासनिक कार्यप्रणाली में पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिले में आयोजित सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत विभिन्न विभागों द्वारा प्राप्त आवेदनों के निराकरण की प्रक्रिया लगातार प्रभावी ढंग से संचालित की जा रही है। जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में सभी विभाग आमजन की समस्याओं एवं मांगों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने के लिए सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं। जिले के विभिन्न विभागों, नगरीय निकायों, जनपद पंचायतों, तहसील कार्यालयों तथा शासकीय संस्थाओं में प्राप्त आवेदनों के निराकरण की प्रगति से स्पष्ट है कि, प्रशासनिक अमला आमजन की अपेक्षाओं पर खरा उतरने के लिए प्रतिबद्ध है। सुशासन तिहार के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों में राजस्व प्रकरण, आधारभूत सुविधाओं से संबंधित मांगें, सामाजिक सुरक्षा, खाद्य वितरण, विद्युत, जल संसाधन, शिक्षा, स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास, नगरीय सेवाएं तथा विभिन्न प्रमाण पत्रों से जुड़े आवेदन प्रमुख रूप से शामिल हैं।
प्राप्त आंकड़ों के अनुसार कुल 11 हजार 621 आवेदन दर्ज किए गए, जिनमें से 8500 से अधिक संख्या में आवेदनों का निराकरण किया जा चुका है, जबकि शेष प्रकरणों में आवश्यक कार्रवाई प्रक्रियाधीन है। विभिन्न विभागों द्वारा गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ निराकरण कार्य किया जा रहा है। विशेष रूप से जनपद पंचायत धमतरी, नगरी, मगरलोड और कुरूद में बड़ी संख्या में प्राप्त आवेदनों के निराकरण हेतु विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। इसी प्रकार नगरीय निकायों, विद्युत वितरण कंपनी, महिला एवं बाल विकास विभाग, खाद्य विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग तथा राजस्व विभाग में भी निरंतर कार्यवाही जारी है।

जिले के 24 ग्राम पंचायतों में क्लस्टर बनाकर शिविर लगाए जा रहे है । प्रत्येक क्लस्टर में 15-20 गांव को शामिल किया गया है । इन गांव के लोग शिविर में अपनी-अपनी समस्या, शिकायत और मांग के आवेदन दे रहे है । संबंधित विभागों के अधिकारी शिविर में भी आवेदनों का यथा संभव निराकरण कर रहे है । राज्य या जिला स्तर के आवेदनों के निराकार और प्रक्रिया संबंधित जानकारी से आवेदनकर्ताओं को अवगत भी करा रहे है । 20 मई तक ग्रामीण क्षेत्रों में 8 शिविर लगाए जा चुके हैट। आज कुरूद विकासखंड के ग्राम चोरभट्टी में 9 वा और धमतरी विकासखंड के ग्राम पिपरछेड़ी में 10 वा शिविर है । वही धमतरी नगर निगम सहित 7 नगर पंचायतों में 13 शिविर आयोजित किए जा चुके है ।
सुशासन तिहार के माध्यम से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के नागरिकों को शासन की योजनाओं और सेवाओं का लाभ सहज रूप से उपलब्ध कराया जा रहा है। शिविरों एवं विभागीय स्तर पर आयोजित सुनवाई कार्यक्रमों में अधिकारियों द्वारा आमजन की समस्याओं को गंभीरता से सुना जा रहा है तथा मौके पर ही निराकरण के प्रयास किए जा रहे हैं। इससे लोगों में शासन-प्रशासन के प्रति विश्वास और संतुष्टि का वातावरण निर्मित हुआ है। कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने कहा कि, सुशासन तिहार का उद्देश्य केवल आवेदन प्राप्त करना नहीं, बल्कि प्रत्येक पात्र नागरिक की समस्या का संवेदनशील और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को लंबित प्रकरणों के त्वरित निराकरण के निर्देश देते हुए कहा कि, शासन की मंशा के अनुरूप आमजन को राहत पहुंचाना सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उन्होंने कहा कि, प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता, जवाबदेही और जनसहभागिता को बढ़ावा देने के लिए इस प्रकार के अभियान अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। कलेक्टर द्वारा निरंतर मॉनिटरिंग करते हुए विभागवार समीक्षा की जा रही है, ताकि प्रत्येक आवेदन का गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित हो सके। सुशासन तिहार 2026 जिले में जनकेंद्रित प्रशासन और संवेदनशील शासन व्यवस्था की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में उभर रहा है। सुशासन तिहार में उर्वरक के समुचित उपयोग की जानकारी कृषक को दिया जा रहा । साथ ही साथ कृषक को नैनो यूरिया एवं नैनो डीएपी के संबंध में विस्तार से बताया जा रहा । सुशासन तिहार अंतर्गत ग्राम पिपरछेड़ी शिविर में कृषक का पी. एम. किसान सम्मान निधि योजना के संबंध में समस्या का निराकरण भी किया जा रहा है |
