ट्रंप के टैरिफ को बड़ा झटका: अमेरिकी ट्रेड कोर्ट ने 10% ग्लोबल टैक्स को बताया अवैध, रिफंड का आदेश

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अमेरिकी। अमेरिकी राजनीति और व्यापार नीति में बड़ा मोड़ आया है, जहां पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 10% ग्लोबल टैरिफ को अमेरिका की कोर्ट ऑफ इंटरनेशनल ट्रेड ने अवैध घोषित कर दिया है। तीन जजों की बेंच ने 2-1 के बहुमत से फैसला सुनाते हुए कहा कि, यह टैरिफ कांग्रेस द्वारा राष्ट्रपति को दिए गए अधिकारों से बाहर जाकर लगाया गया था, इसलिए इसे “अनऑथराइज्ड” और “अमान्य” माना जाएगा।

यह मामला छोटे अमेरिकी व्यवसायों और कई राज्यों द्वारा दायर याचिकाओं के बाद सामने आया, जिनमें आरोप लगाया गया था कि, फरवरी में लागू किए गए इस टैरिफ से उनके आयात-निर्यात और लागत संरचना पर भारी असर पड़ा है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि, 1970 के दशक के ट्रेड कानून के तहत इस तरह के व्यापक टैक्स को उचित नहीं ठहराया जा सकता। फैसले में वाशिंगटन राज्य और दो कंपनियों—Burlap & Barrel और Basic Fun—के लिए तुरंत राहत दी गई है। अदालत ने आदेश दिया है कि, इनसे वसूला गया टैरिफ 5 दिनों के भीतर वापस किया जाए। हालांकि यह फैसला सभी आयातकों पर लागू नहीं होगा, बल्कि केवल उन पक्षों पर लागू होगा जिन्होंने मुकदमा दायर किया था।

दिलचस्प बात यह है कि, स्टील, एल्युमीनियम और ऑटोमोबाइल जैसे सेक्टरों पर लगे टैरिफ इस फैसले से प्रभावित नहीं होंगे। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट भी ट्रंप प्रशासन की टैरिफ नीतियों पर सवाल उठा चुका है।अब अमेरिकी न्याय विभाग इस फैसले को अपील कोर्ट में चुनौती दे सकता है। फिलहाल यह विवाद अस्थायी 10% टैरिफ के इर्द-गिर्द घूम रहा है, जो जुलाई में समाप्त होने वाले हैं। इस फैसले ने ट्रंप की व्यापार नीति को एक बार फिर कानूनी और राजनीतिक बहस के केंद्र में ला दिया है।