गर्मियों की तपिश में शरीर को हाइड्रेट रखने के लिए तरबूज सबसे पसंदीदा फल है, लेकिन बाज़ार में मिलने वाले हर रसीले तरबूज पर भरोसा करना आपकी सेहत पर भारी पड़ सकता है। आजकल मुनाफे के लालच में कच्चे तरबूज को कैल्शियम कार्बाइड से पकाया जा रहा है और उसे अंदर से सुर्ख लाल दिखाने के लिए एरिथ्रोसिन जैसे हानिकारक रसायनों का इंजेक्शन दिया जा रहा है। ये केमिकल न केवल सिरदर्द, चक्कर और उल्टी का कारण बनते हैं, बल्कि लंबे समय में गंभीर न्यूरोलॉजिकल समस्याओं का जोखिम भी बढ़ा सकते हैं।
एक सुरक्षित और सेहतमंद फल चुनने के लिए आपको बस थोड़ा सतर्क रहने की जरूरत है। सबसे पहले तरबूज के बाहरी हिस्से पर मौजूद पीले धब्बे (Field Spot) को देखें; यह धब्बा बताता है कि फल धूप में प्राकृतिक रूप से पका है। अगर तरबूज बिना किसी दाग के पूरी तरह हरा और चमकीला है, तो वह संदेह के घेरे में हो सकता है। इसके अलावा, तरबूज को थपथपाने पर यदि गूंजती हुई ‘खोखली’ आवाज आए, तो समझें कि वह अच्छी तरह पका है, जबकि भारी और दबी आवाज रसायनों के प्रभाव का संकेत हो सकती है।

असली पहचान फल को काटने के बाद भी संभव है। यदि तरबूज का गूदा असामान्य रूप से गहरा लाल दिखे या उसमें बीच में बड़ी दरार और सफेद धारियां नजर आएं, तो यह इंजेक्शन के इस्तेमाल की ओर इशारा करता है। आप घर पर एक वॉटर टेस्ट भी कर सकते हैं—तरबूज के एक टुकड़े को पानी में डालें; यदि पानी तुरंत रंग छोड़ने लगे, तो उसमें कृत्रिम रंग की मिलावट तय है। इस गर्मी में स्वाद के साथ-साथ अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता दें और हमेशा भरोसेमंद स्रोतों से ही फल खरीदें।
