इंजीनियर राशिद ने खटखटाया दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा, बीमार पिता से मिलने के लिए मांगी जमानत

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दिल्ली। टेरर फंडिंग मामले में जेल में बंद सांसद इंजीनियर राशिद ने जमानत के लिए दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) का दरवाजा खटखटाया है। दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद इंजीनियर राशिद ने बीमार पिता से मिलने के लिए अंतरिम जमानत मांगी है। पटियाला हाउस कोर्ट से झटका लगने के बाद पटियाला हाउस कोर्ट ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। याचिका पर सोमवार या मंगलवार को सुनवाई हो सकती है।

इंजीनियर राशिद ने अपने पिता खिज्र मोहम्मद की गंभीर स्थिति को देखते हुए एक महीने की अंतरिम जमानत मांगी है। उनके पिता वर्तमान में अस्पताल में भर्ती हैं और वेंटिलेटर (जीवन रक्षक उपकरणों) पर हैं।

इस मामले में एनआईए ने पहले निचली अदालत में अंतरिम जमानत का विरोध किया था। एजेंसी ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए कहा था कि उन्हें जमानत नहीं दी जानी चाहिए। हालांकि, एनआईए ने यह भी संकेत दिया था कि राशिद को कस्टडी पैरोल (हिरासत में रहते हुए मिलने की अनुमति) दी जा सकती है। एनआईए के वकील ने अदालत में दलील दी कि इंजीनियर राशिद बिना जमानत के भी कस्टडी पैरोल के तहत अपने पिता और परिवार से मिल सकते हैं, इसलिए अंतरिम जमानत की जरूरत नहीं है।

जनवरी में मिली थी कस्टडी पैरोल
इससे पहले जनवरी में पटियाला हाउस कोर्ट ने उन्हें संसद के बजट सत्र में शामिल होने के लिए कस्टडी पैरोल दी थी। इस दौरान उन्हें हिरासत में रहते हुए लोकसभा की कार्यवाही में भाग लेने की अनुमति मिली थी। अदालत ने उस समय यह भी साफ किया था कि कस्टडी पैरोल के दौरान यात्रा खर्च कौन वहन करेगा। यह मुद्दा दिल्ली हाई कोर्ट में लंबित उनकी अपील के फैसले पर निर्भर करेगा।

गौरतलब है कि इंजीनियर राशिद साल 2017 के टेरर फंडिंग मामले में 2019 से तिहाड़ जेल में बंद है। उन्हें जेल में लगभग सात साल बीत चुके हैं। हालांकि, सांसद चुने जाने के बाद अदालत की विशेष अनुमति पर उन्होंने संसद सत्र की कार्यवाही में हिस्सा लिया था, लेकिन नियमित जमानत या लंबी अवधि की अंतरिम जमानत उन्हें अब तक नहीं मिल सकी है।