अक्षय तृतीया 2026: इस बार 2 दिन का शुभ मुहूर्त, जानें दान और पवित्र स्नान का सही समय और महत्व

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हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी अक्षय तृतीया का पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है. जहां तृतीया तिथि 19 अप्रैल से शुरू होकर 20 अप्रैल तक प्रभावी रहेगी, जिससे दो दिन तक शुभता बनी हुई है. 19 अप्रैल को विवाह जैसे मांगलिक कार्यों के लिए अबूझ मुहूर्त रहा, वहीं 20 अप्रैल दान-पुण्य के लिए विशेष महत्व रखता हैं. इस दिन सत्तू, जल, गुड़, छाता, चप्पल, अन्न, फल, चना, दूध, दही, वस्त्र और भोजन सामग्री का दान करना अत्यंत शुभ माना गया है. साथ ही पशुओं को भोजन और पानी देना भी अक्षय पुण्य प्रदान करता है. आपको बता दें की सोमवार का संयोग होने से भगवान शिव की पूजा का महत्व और बढ़ गया है. स्नान के बाद भगवान विष्णु, माता लक्ष्मी और शिव परिवार की विधिपूर्वक पूजा करनी चाहिए. इस दिन दान, धर्म और सकारात्मक संकल्प जीवन में स्थायी शुभ फल देने वाले माने गए है . इस प्रकार अक्षय तृतीया पर स्नान और दान का विशेष महत्व है. मान्यता है कि गंगा या अन्य पवित्र नदी में स्नान से पुण्य मिलता है. यदि यह संभव न हो, तो घर पर स्नान के जल में गंगाजल मिलाना भी शुभ माना है. गर्मी के मौसम को ध्यान में रखते हुए पानी से भरा घड़ा, पंखा, छाता,, सत्तू या ठंडे फल दान करना विशेष फलदायी होता है. इस वर्ष यह पर्व सर्वार्थ सिद्धि योग और रोहिणी नक्षत्र में मनाया जा रहा है, जो इसे और भी शुभ बना रहा है.