चेन्नई। आईपीएल 2026 में मंगलवार यानी कल कोलकाता नाइट राइडर्स को एक और बार हार का सामना करना पड़ा। यह इस सीजन पांच मैचों में उनकी चौथी हार रही। एक मैच बेनतीजा रहा है। वहीं, चेन्नई सुपर किंग्स ने इस सीजन पांच मैचों में लगातार दूसरी जीत हासिल की। इस हार के साथ केकेआर ने अनचाहा रिकॉर्ड अपने नाम किया। टीम 18 साल में और 19 सीजन में पहली बार अपने शुरुआती पांच मैचों में से एक भी नहीं जीत पाई है। तीन बार की चैंपियन को इस सीजन मुंबई इंडियंस, सनराइजर्स हैदराबाद, लखनऊ सुपर जाएंट्स और सीएसके से हार का सामना करना पड़ा है। पंजाब किंग्स के खिलाफ उनका मुकाबला बारिश से धुल गया था। सिर्फ इतना ही नहीं सीएसके ने 193 रन के लक्ष्य का बचाव कर भी एक रिकॉर्ड बनाया। यह टीम इस सीजन 200 से कम का टारगेट देकर जीत हासिल करने वाली पहली टीम बनी। इस सीजन अब तक आठ बार टीमों ने 200 से कम का लक्ष्य दिया है और सिर्फ सीएसके ने ही इसका सफलतापूर्वक बचाव किया है। बाकी सात मौकों पर पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम को हार मिली यानी स्कोर आसानी से चेज हो गए। इस लिस्ट में राजस्थान रॉयल्स और मुंबई इंडियंस के बीच मुकाबला शामिल नहीं है, क्योंकि वह मैच 11-11 ओवर का हुआ था। वहीं, चेन्नई ने आईपीएल 2024 से अब तक 11 बार विपक्षी टीमों को 200 से कम का लक्ष्य दिया। इसमें यह सिर्फ दूसरा मौका है, जब सीएसके की टीम 200 रन से कम के लक्ष्य को डिफेंड करने में कामयाब हो पाई है। बाकी नौ मौकों पर टीम को हार मिली।
आपको बता दें की आईपीएल इतिहास में चेन्नई सुपर किंग्स का कोलकाता नाइट राइडर्स पर मजबूत दबदबा रहा है। सीएसके ने केकेआर के खिलाफ 32 मैचों में 21 जीत दर्ज की हैं, जो इस लिस्ट में संयुक्त रूप से दूसरे सबसे ज्यादा जीत का आंकड़ा है। इसका मतलब साफ है कि जब भी ये दोनों टीमें आमने-सामने होती हैं, तो सीएसके अक्सर भारी पड़ती है। हालिया मैच में भी यही ट्रेंड देखने को मिला। वहीं चेन्नई के मैदान (चेपॉक) पर चेन्नई सुपर किंग्स का दबदबा और भी खतरनाक हो जाता है। इस मैदान पर सीएसके ने केकेआर के खिलाफ 13 मैचों में नौ जीत हासिल की हैं। यानी, केकेआर के लिए चेन्नई में जीत हासिल करना हमेशा से मुश्किल रहा है और हालिया मुकाबले में भी यही कहानी दोहराई गई। केकेआर इस समय खराब दौर से गुजर रही है। आईपीएल 2025 से लेकर इस सीजन तक टीम लगातार छह मैच हार चुकी है, जो उनके इतिहास के सबसे खराब दौरों में से एक है। हालांकि उनका सबसे लंबा हार का सिलसिला 2009 में नौ मैचों का रहा था, लेकिन मौजूदा फॉर्म को देखकर यह चिंता बढ़ गई है।
