डीएड अभ्यर्थियों का हल्लाबोल: 112वें दिन भी अनशन जारी, अंबेडकर जयंती पर पुलिस ने रोकी संविधान रैली

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रायपुर। छत्तीसगढ़ के डीएड अभ्यर्थियों द्वारा अपनी वैध नियुक्ति की मांग को लेकर चल रहा अनिश्चितकालीन आमरण अनशन आज 112वें दिन में प्रवेश कर चुका है। यह संघर्ष शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से लगातार जारी है, लेकिन अब तक शासन-प्रशासन की ओर से कोई ठोस पहल नहीं की गई है। पूर्व में भी डीएड अभ्यर्थियों ने कई बार रैली, प्रदर्शन और ज्ञापन के माध्यम से अपनी मांगों को शासन तक पहुंचाने का प्रयास किया है, किंतु हर बार उन्हें केवल आश्वासन ही मिला, समाधान नहीं। आज दिनांक 14 अप्रैल को डॉ भीमराव अंबेडकर जी की जयंती के अवसर पर, संविधान के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए डीएड अभ्यर्थियों ने हाथों में संविधान की प्रति लेकर शिक्षा मंत्री के बंगले का शांतिपूर्ण घेराव करने हेतु रैली निकाली। इस रैली का उद्देश्य हाईकोर्ट एवं सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन सुनिश्चित कराना और अपने संवैधानिक अधिकारों की मांग करना था। किन्तु पुलिस प्रशासन द्वारा धरना स्थल के गेट पर ही बैरिकेडिंग लगाकर अभ्यर्थियों को आगे बढ़ने से रोक दिया गया। इस दौरान अभ्यर्थियों को अपनी बात रखने का अवसर भी नहीं दिया गया, जिससे उनमें गहरा आक्रोश और निराशा व्याप्त है। डीएड अभ्यर्थियों का कहना है कि जब वे संविधान और न्यायालय के आदेशों के पालन की मांग कर रहे हैं, तब उन्हें इस प्रकार रोकना लोकतांत्रिक मूल्यों के विरुद्ध है। अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि वर्तमान बीजेपी सरकार पूरी तरह असंवेदनशील और निरंकुश रवैया अपनाए हुए है, जो न्यायालय के आदेशों और युवाओं के भविष्य की अनदेखी कर रही है। डीएड अभ्यर्थियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक 2300 सहायक शिक्षक पदों पर नियुक्ति नहीं दी जाती, उनका आंदोलन और आमरण अनशन इसी प्रकार जारी रहेगा।

मांग:
➡️ हाईकोर्ट एवं सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का तत्काल पालन किया जाए
➡️ 2300 सहायक शिक्षक पदों पर शीघ्र नियुक्ति दी जाए