० वन विभाग ने शुरू की वाहन राजसात की बड़ी कार्रवाई
दंतेवाड़ा । माननीय वन मंत्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन बल प्रमुख) अरुण पाण्डेय सर, मुख्य वन संरक्षक स्टायलो मंडावी मैडम तथा वनमंडलाधिकारी दंतेवाड़ा रंगनाथा रामकृष्णा वाय सर के निर्देशन में वन परिक्षेत्र गीदम द्वारा अवैध कटाई एवं परिवहन के विरुद्ध बड़ी कार्यवाही की गई है।
गीदम जांच नाके पर पकड़ाया जामुन लट्टो से भरा संदिग्ध टाटा ट्रक
वनमण्डल दंतेवाड़ा के अंतर्गत वनोपज जांच नाका गीदम पर चेकिंग के दौरान एक संदिग्ध टाटा ट्रक (क्रमांक ष्टत्र 18 ॥ 1995) को रोककर जांच की गई। सघन जांच करने पर ट्रक में अवैध रूप से परिवहन किए जा रहे जामुन प्रजाति के 16 नग ल_े (कुल आयतन 7.877 घन मीटर) लदे पाए गए।
दस्तावेज पेश करने में नाकाम रहे आरोपी, 4.10 लाख की संपत्ति जब्त
पूछताछ के दौरान ट्रक में सवार व्यक्तियों द्वारा न तो वनोपज का वैध अभिवहन पास (टी.पी.) प्रस्तुत किया जा सका और न ही उनके पास वृक्ष कटाई की कोई अनुमति थी। दस्तावेज न होने पर वन विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए वन अपराध प्रकरण पंजीबद्ध किया। मौके से जब्त जामुन ल_ों का अनुमानित मूल्य 60,584 तथा प्रयुक्त टाटा ट्रक का अनुमानित मूल्य 3.50 लाख आंका गया है, इस प्रकार कुल लगभग 4.10 लाख की संपत्ति जब्त की गई है।
न्यायालय को भेजी गई सूचना, वाहन को राजसात करने की कानूनी प्रक्रिया शुरू
इस अवैध कृत्य को वन संपदा की चोरी और नियमों का गंभीर उल्लंघन मानते हुए वन विभाग द्वारा भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 41, 42 एवं धारा 52, छत्तीसगढ़ अभिवहन (वनोपज) नियम 2001 की नियम 03 एवं 4 (2), तथा वृक्ष कटाई नियम 2022 के नियम 7 के उल्लंघन के अंतर्गत सख्त कार्रवाई की गई है। इन धाराओं के तहत अपराध में प्रयुक्त टाटा ट्रक एवं अवैध जामुन ल_ों को मौके पर ही जब्त कर लिया गया है। वन विभाग द्वारा माननीय मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा को मामले की आधिकारिक सूचना प्रेषित कर दी गई है तथा जब्त वाहन एवं लकड़ी को राजसात (अधिहरण) करने की वैधानिक कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है।
