तखतपुर। सरकारी दफ्तरों में व्याप्त लापरवाही को लेकर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। एसडीएम नितिन तिवारी द्वारा किए गए औचक निरीक्षण में विभिन्न विभागों के 35 अधिकारी और कर्मचारी ड्यूटी से गायब मिले। इस बड़ी चूक पर कड़ा संज्ञान लेते हुए सभी अनुपस्थित कर्मियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर 24 घंटे में जवाब मांगा गया है। इस औचक कार्रवाई से पूरे प्रशासनिक महकमे में खलबली मच गई है।
विवरण के मुताबिक, एसडीएम नितिन तिवारी ने तहसील, जनपद पंचायत, नगर पालिका और स्वयं के कार्यालय का औचक मुआयना किया। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि बड़ी संख्या में कर्मचारी बिना किसी पूर्व सूचना या अनुमति के गायब थे। जांच में उपस्थिति पंजी और बायोमैट्रिक अटेंडेंस में भी भारी गड़बड़ियां उजागर हुई हैं, जो सीधे तौर पर अनुशासनहीनता की ओर इशारा करती हैं।

नोटिस में स्पष्ट कहा गया है कि, यदि निर्धारित 24 घंटे की अवधि के भीतर कर्मचारियों द्वारा संतोषजनक स्पष्टीकरण प्रस्तुत नहीं किया गया, तो उनके विरुद्ध कड़ी विभागी अनुशासनात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। प्रशासन के इस सख्त तेवर ने लापरवाह कर्मचारियों की नींद उड़ा दी है। उल्लेखनीय है कि, प्रदेश सरकार लगातार कार्यालयीन समय के पालन और कार्य संस्कृति में सुधार पर जोर दे रही है, लेकिन तखतपुर में इन निर्देशों की धज्जियां उड़ती दिखीं।
बायोमैट्रिक सिस्टम होने के बावजूद कर्मचारियों की मनमानी और गैर-हाजिरी की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद यह कदम उठाया गया है। इस कार्रवाई ने उन दावों पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं कि, अनुपस्थित रहने वाले कर्मियों का वेतन और हाजिरी अब तक किस प्रकार प्रमाणित की जा रही थी। क्षेत्र में इस छापेमारी को सरकारी व्यवस्था में पारदर्शिता, समयबद्धता और जवाबदेही बहाल करने की दिशा में एक निर्णायक प्रहार माना जा रहा है।
