वॉशिंगटन/तेहरान। अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य तनाव एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। अमेरिकी सेना ने ईरान के कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाते हुए बड़े हवाई हमले किए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी सेना ने ग्रेटर टुंब द्वीप से लेकर खर्ग द्वीप तक हमले किए, जिसके बाद ईरान ने भी खाड़ी क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाकर जवाबी कार्रवाई की। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, अमेरिकी सेना ने ईरान के तटीय रक्षा ठिकानों, मिसाइल भंडारण स्थलों और सैन्य बुनियादी ढांचे पर हमले किए। बुधवार को दो बड़े हमलों के बाद गुरुवार तड़के एक बार फिर ईरान के सैन्य ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की गई।
CENTCOM के मुताबिक, भारतीय समयानुसार सुबह करीब साढ़े तीन बजे ग्रेटर टुंब द्वीप पर तटीय रक्षा प्रणाली और क्रूज मिसाइल भंडारण केंद्रों को निशाना बनाया गया। यह ऑपरेशन करीब 90 मिनट में पूरा हुआ। इसके कुछ घंटे बाद अमेरिकी सेना ने दोबारा कार्रवाई की। अमेरिकी सेना ने दावा किया कि खर्ग द्वीप की ओर जा रहे एक तेल टैंकर को बार-बार चेतावनी देने के बावजूद दिशा नहीं बदलने पर उसे मिसाइल से निष्क्रिय कर दिया गया। इसके अलावा मिसाइल लॉन्चर, ड्रोन लॉन्च साइट, पुराने सैन्य विमान और संचार टावरों को भी निशाना बनाए जाने की जानकारी दी गई है।
CENTCOM की ओर से जारी वीडियो में अमेरिकी नौसेना के F/A-18E सुपर हॉर्नेट लड़ाकू विमान USS Abraham Lincoln विमानवाहक पोत से उड़ान भरते नजर आए। इसके अलावा Arleigh Burke श्रेणी के युद्धपोतों से टॉमहॉक क्रूज मिसाइलें दागे जाने के दृश्य भी सामने आए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी लड़ाकू विमानों की गतिविधियां ईरान के आसपास बढ़ गई हैं। क्षेत्र में KC-135 और KC-46A एयर टैंकर तथा E-3 AWACS जैसे निगरानी और समर्थन विमान भी सक्रिय बताए जा रहे हैं। AWACS विमान हवाई निगरानी और शुरुआती चेतावनी के लिए इस्तेमाल किया जाता है, जबकि एयर टैंकर विमानों को हवा में ईंधन उपलब्ध कराते हैं।
अमेरिकी हमलों के बाद ईरानी मीडिया ने अहवाज और बंदर अब्बास समेत कई इलाकों में हमले की जानकारी दी। ईरानी सरकारी मीडिया ने दावा किया कि अहवाज में एक अस्पताल के पास भी हमला हुआ, जहां बच्चों के कैंसर का इलाज किया जाता है। हालांकि हताहतों को लेकर तत्काल कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। वहीं, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने बहरीन में अमेरिकी बेस पर बड़े हमले का दावा किया है। IRGC ने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा कि ईरान का लक्ष्य खाड़ी क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों और बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना है। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अगले वित्त वर्ष के लिए रक्षा बजट बढ़ाने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि अमेरिका सैन्य क्षमता को और मजबूत करेगा और रक्षा क्षेत्र में बड़ा निवेश जारी रखेगा। ट्रंप के मुताबिक, यह निवेश केवल सुरक्षा के लिए नहीं बल्कि घरेलू स्तर पर रोजगार बढ़ाने में भी मदद करेगा।
