नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार देर रात अपने आधिकारिक आवास ‘सेवा तीर्थ’ में करीब तीन घंटे तक चली एक उच्च स्तरीय बैठक की। इस बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन और संगठन महामंत्री बी.एल. संतोष सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। बैठक में संगठन और सरकार से जुड़े कई अहम मुद्दों पर मंथन किया गया। हालांकि बैठक के एजेंडे को लेकर भाजपा की ओर से कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई है। सूत्रों के अनुसार, करीब 2 घंटे 45 मिनट तक चली इस बैठक में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और ईज ऑफ लिविंग से जुड़े सुधारों पर भी चर्चा हुई।
भाजपा सूत्रों का कहना है कि बैठक में संगठन विस्तार, चुनावी राज्यों की रणनीति, संभावित मंत्रिमंडल विस्तार और आगामी राजनीतिक गतिविधियों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। इसके अलावा महाराष्ट्र की राजनीति और एनसीपी (शरद पवार गुट) के सांसदों के संभावित समर्थन को लेकर भी चर्चा हुई। सूत्रों के मुताबिक, परिसीमन, महिला आरक्षण और अन्य महत्वपूर्ण विधेयकों पर सरकार को एनसीपी सांसदों का समर्थन मिलने की संभावना पर भी बातचीत हुई।
इस बैठक से एक दिन पहले उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी। दोनों नेताओं के बीच करीब 40 मिनट तक चली बैठक में उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था, सुरक्षा व्यवस्था, प्रशासनिक मुद्दों और मौजूदा राजनीतिक हालात पर चर्चा होने की जानकारी सामने आई है। भाजपा संगठन में हालिया बदलावों के बाद इस मुलाकात को राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है।
गौरतलब है कि संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई 2026 से शुरू होकर 13 अगस्त 2026 तक चलेगा। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने जानकारी दी है कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने केंद्र सरकार की सिफारिश पर दोनों सदनों का सत्र बुलाने को मंजूरी दे दी है। सरकार के अनुसार, सत्र के दौरान राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों पर चर्चा के साथ कई महत्वपूर्ण विधेयक भी पेश किए जा सकते हैं। हालांकि संभावित विधेयकों की आधिकारिक सूची अभी जारी नहीं की गई है।

