कांकेर। छत्तीसगढ़ में यात्री बसों के किराए में की गई 40 प्रतिशत की वृद्धि का जिला कांग्रेस कमेटी ने कड़ा विरोध किया है। जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष बसंत यादव ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा यात्री बसों के किराए में की गई भारी बढ़ोतरी से प्रदेश के गरीब, मजदूर, किसान, विद्यार्थी, छोटे व्यापारी एवं मध्यमवर्गीय परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष बसंत यादव ने कहा कि परिवहन विभाग द्वारा साधारण बसों का किराया 1.25 रुपये प्रति किलोमीटर से बढ़ाकर 1.75 रुपये प्रति किलोमीटर कर दिया गया है। यह सीधे तौर पर 40 प्रतिशत की बढ़ोतरी है। इसके अलावा डीलक्स, स्लीपर, एसी एवं अन्य बस सेवाओं के किराए की नई दरें भी निर्धारित की गई हैं।
उन्होंने कहा कि पहले से महंगाई की मार झेल रही आम जनता के लिए बस किराए में इतनी बड़ी बढ़ोतरी गंभीर चिंता का विषय है। प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में किसान, मजदूर, विद्यार्थी, महिलाएं एवं आम नागरिक रोजगार, शिक्षा, इलाज तथा अन्य आवश्यक कार्यों के लिए बसों से यात्रा करते हैं। किराए में वृद्धि से इन सभी वर्गों का मासिक खर्च बढ़ेगा।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष बसंत यादव ने कहा कि आम जनता को राहत देना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए, न कि उस पर लगातार आर्थिक बोझ बढ़ाना।सार्वजनिक परिवहन कोई विलासिता नहीं, बल्कि आम नागरिकों की दैनिक आवश्यकता है। ऐसे में सरकार को बस किराया निर्धारण में जनहित और आम यात्रियों की आर्थिक स्थिति को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि जिला कांग्रेस कमेटी कांकेर आम यात्रियों की आर्थिक परेशानियों को गंभीरता से उठाते हुए राज्य सरकार से मांग करती है कि यात्री बसों के किराए में की गई 40 प्रतिशत की वृद्धि तत्काल वापस ली जाए तथा किराया निर्धारण की प्रक्रिया की पुनः समीक्षा की जाए।
बसंत यादव ने कहा कि यदि सरकार को परिवहन व्यवसाय के संचालन में बढ़ती लागत की समस्या का समाधान करना है, तो इसके लिए ऐसे विकल्प तलाशने चाहिए जिनसे बस संचालकों की समस्याओं का भी समाधान हो और आम यात्रियों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ भी न पड़े।
उन्होंने स्पष्ट किया कि *जिला कांग्रेस कमेटी जनता से जुड़े इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर अपनी आवाज उठाती रहेगी और जनहित में किराया वृद्धि वापस लेने की मांग करती रहेगी।*
